पेशावर: खैबर पख्तूनख्वा के बन्नू जिले की मिरयान तहसील में शनिवार सुबह तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के आतंकियों ने पाकिस्तानी सेना के काफिले पर घात लगाकर हमला बोल दिया। सेना के वाहन पर आईईडी विस्फोट और गोलीबारी में कम से कम 10 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं। हमले में एक सैन्य वाहन पूरी तरह नष्ट हो गया। इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने घटना की पुष्टि की है, लेकिन विस्तृत जानकारी का इंतजार है। ओएसआईएनटी अपडेट्स के अनुसार हमला सुबह के समय हुआ जब सेना का काफिला सीमावर्ती इलाके से गुजर रहा था।
छुपकर किया सेना के वाहन पर हमला
बताया जा रहा है कि पाकिस्तानी सैनिकों के वाहन पर टीटीपी के 15-20 हथियारबंद आतंकियों ने सड़क किनारे छिपकर आईईडी बम फोड़ा और फिर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। @OsintUpdates की एक वीडियो फुटेज में धुंधला धुआं और क्षतिग्रस्त वाहन दिखाई दे रहे हैं, जो हमले की तीव्रता का संकेत देते हैं। स्थानीय निवासियों ने बताया कि विस्फोट की आवाज मीलों दूर सुनाई दी, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। यह हमला अफगानिस्तान सीमा के नजदीक हुआ है, जहां टीटीपी की घुसपैठ बढ़ रही है। 2025 में खैबर पख्तूनख्वा में 605 से अधिक आतंकी घटनाएं दर्ज हो चुकी हैं, जिनमें सैन्य ठिकानों पर हमले प्रमुख हैं।
बन्नू में एक दिन पहले सेना चौकी पर कब्जा
इस घटना से एक दिन पहले ही टीटीपी ने खैबरपख्तूनख्वा में एक पाकिस्तानी सेना की चौकी पर कब्जा कर लिया था। मौके से पाकिस्तानी सैनिक डर कर भाग निकले थे। वहीं सितंबर में वजीरिस्तान में इसी तरह के हमले में 12 सैनिक शहीद हुए थे, जबकि बन्नू में सितंबर के पहले सप्ताह फेडरल कांस्टेबुलरी मुख्यालय पर टीटीपी के हमले में 6 जवान मारे गए थे। ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स 2025 के मुताबिक, टीटीपी ने पिछले साल 1,081 मौतों का कारण बना। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा, “आतंकवाद के खिलाफ जंग में कोई ढील नहीं दी जाएगी। अफगानिस्तान को अपनी सरजमीं का दुरुपयोग रोकने की चेतावनी।”