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ब्रिटेन: ऋषि सुनक की 'बाहर खाएं, मदद पहुंचाएं' योजना को मिल रही शानदार प्रतिक्रिया

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Aug 12, 2020 09:10 am IST,  Updated : Aug 12, 2020 09:10 am IST

ब्रिटेन के वित्त मंत्री ऋषि सुनक की ‘बाहर खाएं, मदद पहुंचाएं’ योजना को देश में काफी अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है।

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ब्रिटेन के वित्त मंत्री ऋषि सुनक की ‘बाहर खाएं, मदद पहुंचाएं’ योजना को देश में काफी अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। Image Source : AP FILE

लंदन: ब्रिटेन के वित्त मंत्री ऋषि सुनक की ‘बाहर खाएं, मदद पहुंचाएं’ योजना को देश में काफी अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। ब्रिटेन के वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि पहले सप्ताह में ही 1.05 करोड़ से अधिक बार इस योजना का लाभ उठाया जा चुका है। योजना के तहत ब्रिटेन के सभी रेस्त्रां, कैफे और पब में खाना खाने पर सरकार की ओर से 50 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। सुनक के मुताबिक इस योजना का उद्देश्य इस क्षेत्र से जुड़े लोगों की नौकरियां बचाना और इसमें नई जान फूंकना है।

सुनक ने बताया योजना का मकसद

भारतीय मूल के मंत्री सुनक द्वारा 3 अगस्त को शुरू की गई इस योजना का मकसद कोरोना वायरस लॉकडाउन से बुरी तरह प्रभावित देश के आतिथ्य (हॉस्पिटैलिटी) क्षेत्र में नई जान फूंकना और लोगों को अपने घर से बाहर भोजन करने के लिये प्रोत्साहित करना है। सरकार इस योजना में हिस्सा ले रहे रेस्त्रांओं में सोमवार से बुधवार तक भोजन करने पर बिल की 50 प्रतिशत राशि खुद वहन कर रही है। सुनक ने बताया, 'हमारी बाहर खाएं, मदद पहुंचाएं योजना का सबसे पहला मकसद 18 लाख शेफ, वेटर और रेस्त्रां कर्मियों की नौकरियां बचाना है। इस योजना से मांग बढ़ने के साथ-साथ लोग बाहर खाना खाने के लिये भी प्रोत्साहित होंगे।'

आधे बिल का भुगतान कर रही सरकार
सुनक ने कहा, 'देशभर में 72 हजार से अधिक प्रतिष्ठान छूट के साथ भोजन परोस रहे हैं। आधे बिल का भुगतान सरकार कर रही है। इस उद्योग का हमारी अर्थव्यवस्था में बेहद अहम योगदान है। कोरोना वायरस के चलते इस क्षेत्र पर बुरा प्रभाव पड़ा है।' ब्रिटेन के वित्त विभाग के अनुसार, आतिथ्य से जुड़ी लगभग 80 प्रतिशत कंपनियों में अप्रैल से कामकाज बंद है, जिसके चलते 14 लाख कर्मचारियों को बिना वेतन छुट्टी पर जाने या नौकरी छोड़ने के लिये कहा गया है। इस सेक्टर में सबसे अधिक लोगों की नौकरियों पर तलवार लटक रही है।

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