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लोगों की खुदकुशी का कारण बना ChatGPT, कंपनी OpenAI के खिलाफ दर्ज हुए 7 मुकदमे

अमेरिका में OpenAI के खिलाफ 7 मुकदमे दर्ज हुए हैं, जिनमें आरोप है कि ChatGPT ने कई लोगों को खुदकुशी के लिए उकसाया और मानसिक रूप से प्रभावित किया। पीड़ितों में 6 वयस्क और एक किशोर शामिल हैं।

Edited By: Vineet Kumar Singh @VickyOnX
Published : Nov 07, 2025 08:56 am IST, Updated : Nov 07, 2025 08:56 am IST
OpenAI lawsuits, ChatGPT suicide cases, GPT-4O controversy, AI mental health risks- India TV Hindi
Image Source : AP OpenAI के खिलाफ 7 मुकदमे दर्ज हुए हैं।

सैन फ्रांसिस्को: अमेरिका की कंपनी OpenAI के खिलाफ 7 मुकदमे दायर किए गए हैं। इनमें दावा किया गया है कि कंपनी का ChatGPT लोगों को खुदकुशी करने और वहम में डालने का कारण बना। सबसे हैरानी की बात यह है कि जिन लोगों को पहले कोई मानसिक बीमारी नहीं थी, वे भी इसके शिकार हो गए। ये मुकदमे गुरुवार को कैलिफोर्निया की राज्य अदालतों में दाखिल किए गए। इनमें गलत तरीके से मौत, खुदकुशी में मदद, अनैच्छिक हत्या और लापरवाही के इल्जाम लगाए गए हैं। मुकदमे सोशल मीडिया विक्टिम्स लॉ सेंटर और टेक जस्टिस लॉ प्रोजेक्ट की तरफ से 6 वयस्कों और एक किशोर की ओर से दायर किए गए हैं।

'ChatGPT अमौरी को डिप्रेशन में ले गया'

मुकदमे में कहा गया है कि OpenAI को पता था कि GPT-4O खतरनाक तरीके से चापलूसी करने वाला और मानसिक रूप से हेरफेर करने वाला है, फिर भी कंपनी ने इसे जल्दबाजी में बाजार में उतार दिया। इनमें से 4 पीड़ितों ने खुदकुशी कर ली। सैन फ्रांसिस्को सुपीरियर कोर्ट में दायर एक मुकदमे में 17 साल के अमौरी लैसी का मामला है। अमौरी ने मदद के लिए चैटजीपीटी का इस्तेमाल शुरू किया था। लेकिन मुकदमे के मुताबिक, 'ChatGPT जैसे खतरनाक प्रोडक्ट ने उसे लत लगाई, डिप्रेशन में ले गया और आखिरकार फंदा बांधने का सबसे आसान तरीका और बिना सांस लिए कितनी देर जीवित रहा जा सकता है, यह सब सिखाया।' 

'अमौरी की मौत न दुर्घटना थी, न संयोग'

मुकदमे में कहा गया है, 'अमौरी की मौत न दुर्घटना थी, न संयोग। बल्कि यह OpenAI और सैमुअल ऑल्टमैन के जानबूझकर किए गए फैसले का नतीजा थी कि सुरक्षा टेस्टिंग कम की जाए और ChatGPT को जल्दी बाजार में उतारा जाए।' एक और मुकदमा कनाडा के ओंटारियो में रहने वाले 48 साल के एलन ब्रूक्स ने दायर किया है। एलन 2 साल से ज्यादा वक्त तक ChatGPT को एक मददगार टूल की तरह इस्तेमाल करते थे। अचानक ChatGPT ने उनकी कमजोरियों का फायदा उठाना शुरू कर दिया। मुकदमे में कहा गया है कि इसने एलन को वहम में डाल दिया जिससे उन्हें गंभीर मानसिक संकट का सामना करना पड़ा, और आर्थिक, सामाजिक और भावनात्मक नुकसान हुआ।

'ये मुकदमे जवाबदेही की मांग करते हैं'

सोशल मीडिया विक्टिम्स लॉ सेंटर के संस्थापक वकील मैथ्यू पी. बर्गमैन ने बयान दिया, 'ये मुकदमे जवाबदेही की मांग करते हैं। OpenAI ने GPT-4O  को इस तरह डिजाइन किया कि यह हर उम्र, लिंग या पृष्ठभूमि के यूजर को भावनात्मक रूप से फंसाए। इसे बिना जरूरी सुरक्षा उपायों के बाजार में उतारा गया।' बर्गमैन ने आरोप लगाया कि बाजार में दबदबा बनाने और यूजर को ज्यादा देर तक जोड़े रखने की जल्दबाजी में OpenAI ने सुरक्षा से समझौता किया और 'भावनात्मक हेरफेर को नैतिक डिजाइन से ऊपर रखा।'

OpenAI ने तुरंत जवाब नहीं दिया

अगस्त में कैलिफोर्निया के 16 साल के एडम रेन के माता-पिता ने OpenAI और उसके CEO सैम ऑल्टमैन पर मुकदमा किया था। उन्होंने दावा था कि ChatGPT ने एडम को खुदकुशी की योजना बनाने और उसे अंजाम देने में मदद की। कॉमन सेंस मीडिया के चीफ एडवोकेसी ऑफिसर डैनियल वाइस ने कहा, OpenAI के खिलाफ दायर ये मुकदमे दिखाते हैं कि जब टेक कंपनियां युवाओं के लिए जरूरी सुरक्षा उपायों के बिना प्रोडक्ट बाजार में उतारती हैं, तो क्या होता है। ये दुखद मामले असल लोगों की जिंदगियां बर्बाद या खत्म होने की कहानी हैं।' गुरुवार को टिप्पणी के लिए OpenAI ने तुरंत जवाब नहीं दिया। (AP)

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