वाशिंगटनः भारतीय प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अनुरोध पर अमेरिका ने एसआरएस ग्रुप के सह-संस्थापक और प्रमोटर प्रवीण कुमार कपूर को भारत डिपोर्ट कर दिया है। प्रवीण कुमार के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी हुआ था। इंटरपोल को लंबे समय से प्रवीण की तलाश थी। वह एक रियलिटी फर्म चलाता था, जिसे अब अमेरिकी अधिकारियों ने भारत निर्वासित कर दिया है।
इंटरपोल ने जारी किया था रेड कॉर्नर नोटिस
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) गुरुग्राम जोनल कार्यालय के अनुरोध पर इंटरपोल ने प्रवीण कुमार के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था। इस नोटिस के आधार पर प्रमोटर प्रवीण कुमार कपूर को अमेरिकी अधिकारियों ने भारत में डिपोर्ट कर दिया है। अमेरिका के न्यूअर्क इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर प्रवीण को प्रवेश करने से रोक दिया गया था। साथ ही अमेरिकी अधिकारियों ने उसके बी1/बी2 वीजा को भी रद्द कर दिया। उसके बाद बीते 02 नवंबर को उसे नई दिल्ली वापस निर्वासित किया गया।
कौन है प्रवीण कुमार कपूर
एसआरएस रियलिटी फर्म समूह का सह-संस्थापक और प्रमोटर प्रवीण के खिलाफ ईडी ने इंटरपोल से लुकआउट सर्कुलर (एलओसी) जारी कराया था। इसके आधार पर संबंधित कानून प्रवर्तन एजेंसी (एलईए) द्वारा उसे रोक लिया गया। ईडी ने फरीदाबाद, दिल्ली और सीबीआई के विभिन्न पुलिस स्टेशनों पर आईपीसी 1860 की विभिन्न धाराओं के तहत प्रवीण पर दर्ज 81 एफआईआर के आधार पर एसआरएस ग्रुप के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की है।
बैंकों को लगाया है 2200 करोड़ का चूना
प्रवीण और उसके ग्रुप पर निवेशकों और बैंकों को 2200 करोड़ रुपये से अधिक का चूना लगाने का आरोप है। ईडी की जांच में पता चला कि एसआरएस ग्रुप के आरोपी व्यक्ति/संस्थाओं ने निवेशकों को उच्च रिटर्न का वादा करके एसआरएस ग्रुप में निवेश और विभिन्न आवासीय तथा व्यावसायिक परियोजनाओं में लुभाया। ऐसे निवेशों से प्राप्त धनराशि को एसआरएस ग्रुप द्वारा बनाई गई सैकड़ों शेल कंपनियों में जमा किया गया और उसके बाद उसे वॉश किया गया। इस मामले में 2295.98 करोड़ रुपये की अस्थायी संलग्नता आदेश पहले ही जारी कर दिया गया है।
प्रवीण कुमार वर्षों से था फरार
प्रवीण कुमार कपूर सहित एसआरएस ग्रुप के दो अन्य प्रमोटर-निदेशक जितेंद्र कुमार गर्ग और सुनिल जिंदल कई वर्षों से फरार हैं और जांच से बचते आ रहे हैं। कपूर को ईडी द्वारा गुरुग्राम के विशेष पीएमएलए कोर्ट के समक्ष दायर अभियोजन शिकायत में आरोपी बनाया गया। विशेष कोर्ट ने ईडी द्वारा दायर अभियोजन शिकायत का संज्ञान लिया है और आरोपी के खिलाफ आरोप तय किए जा रहे हैं। ईडी की कोशिशों के फलस्वरूप, गुरुग्राम के विशेष पीएमएलए कोर्ट द्वारा उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए गए और उसके बाद उन्हें प्रख्यात अपराधी घोषित कर दिया गया।
ईडी द्वारा प्रवीण कुमार कपूर, जितेंद्र कुमार गर्ग और सुनिल जिंदल के खिलाफ भगोड़े आर्थिक अपराधियों अधिनियम (एफईओए) के तहत कार्यवाही भी शुरू की गई। ताकि उन्हें भगोड़े आर्थिक अपराधी घोषित किया जा सके। अन्य फरार प्रमोटर-निदेशकों की वापसी/प्रत्यर्पण सुनिश्चित करने के प्रयास जारी हैं। आगे की जांच जारी है।