बिहार में मुख्यमंत्री कलाकार पेंशन योजना एवं मुख्यमंत्री गुरु शिष्य परंपरा योजना को आज कैबिनेट से स्वीकृत मिल गई है। यह फैसला आज यानी मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया। राज्य के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में निवास करने वाले पारंपरिक, शास्त्रीय, चाक्षुष एवं प्रदर्श कलाओं से जुड़े कलाकारों को 3000 रूपया मासिक पेंशन दिया जाएगा। इसके लिए विभाग चयन प्रक्रिया शुरू करेगी तथा जिला स्तर पर प्राप्त आवेदनों की जिला समिति द्वारा समीक्षा की जाएगी, जिसके उपरांत इसे स्टेट लेवल विभागीय समिति को भेजा जाएगा।
एक दूसरी योजना "मुख्यमंत्री गुरू शिष्य परम्परा योजना" की स्वीकृति भी कैबिनेट के द्वारा दे दी गई है। इसके तहत विलुप्त प्राय क्रमशः लोक गाथा, लोक नाट्य, लोक नृत्य, लोक संगीत, लोक वाद्य यंत्र, शास्त्रीय कला एवं चित्रकला सिखाने हेतु गुरू, संगीतकार एवं शिष्यों के लिए क्रमशः 15000 रुपये, 7500 रुपये एवं 3000 रुपये मासिक मानदेय का प्रावधान रखा गया है। सरकार के इस कदम से विलुप्त होतीं सभी लोक कलाओं को बचाया जाएगा।
पुनौराधाम जानकी मंदिर के समग्र विकास के लिए 800 करोड़ रुपये से अधिक की राशि को मंजूरी
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में सीतामढ़ी जिले में स्थित हिंदू तीर्थ स्थल पुनौराधाम जानकी मंदिर के समग्र विकास के लिए 882 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि को मंजूरी मिल गई। इस संबंध में राज्य के सीएम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट भी किया।
पोस्ट में सीएम ने लिखा है, "मुझे बताते हुए अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि जगत जननी मां जानकी की जन्मस्थली पुनौराधाम, सीतामढ़ी को समग्र रूप से विकसित किए जाने हेतु भव्य मंदिर सहित अन्य संरचनाओं के निर्माण की योजना को आज कैबिनेट से मंजूरी दे दी गई है। आज कैबिनेट में पुनौराधाम के समग्र विकास के लिए तैयार की गई वृहद योजना के लिए 882 करोड़ 87 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।"