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देश के ख्यात संगीतज्ञों की स्वरलहरियों से गुलजार होगी शाम, दिल्ली के चाणक्यपुरी में होगी म्यूजिकल कॉन्सर्ट

एसआरएफ फाउंडेशन और स्पिक मैके दो दिनी संगीत का जलसा लेकर आए हैं, जिसका नाम है-'म्यूजिक इन द पार्क'। 26 मार्च से शुरू हुए इस समारोह के दूसरे दिन भी देश की ख्यातनम संगीत कलाकार प्रस्तुतियां देंगे।

IndiaTV Hindi Desk Edited by: IndiaTV Hindi Desk
Published on: March 27, 2022 10:33 IST
Musical Concert- India TV Hindi
Image Source : FILE PHOTO Musical Concert

Music Concert in Delhi: कोरोनाकाल के बाद अब ​स्थिति सामान्य होती जा रही है। महामारी के कालखंड में हर व्यक्ति प्रभावित हुआ है और संगीत जगत भी इससे अछूता नहीं रहा है। संगीत कलाकार कॉन्सर्ट्स नहीं कर पाए और दर्शकों ने भी रूबरू कार्यक्रम सुनने की कमी को महसूस किया। अब दिल्ली—एनसीआर में कोरोना पाबंदियां हटने के बाद कलाकार और संगीत रसिक जो संगीत समारोहों का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे, उनका इंतजार अब खत्म हुआ है। एसआरएफ फाउंडेशन और स्पिक मैके दो दिनी संगीत का जलसा लेकर आए हैं, जिसका नाम है— 'म्यूजिक इन द पार्क'। संगीत का यह दो दिनी समारोह 26 से शुरू हो चुका है। दिल्ली में चाणक्यपुरी ​के नेहरू पार्क में आयोजित किए जा रहे इस कार्यक्रम का दूसरा और अंतिम दिन है। आज भी देश की ख्यातनम संगीत कलाकारों की प्रस्तुतियां होंगी। 

ये कलाकार देंगे प्रस्तुतियां

आज रविवार शाम 4 बजे से शुरू होने वाले कार्यक्रम में बहाउद्दीन डागर का रूद्र वीणा वादन होगा। उनके साथ पखावज पर संजय आगले संगत करेंगे। कार्यक्रम में तेजस मजूमदार का सरोद वादन होगा। उनके साथ खयातनाम तबला नवाज ओजस अडिया संगत करेंगे। आज की शाम विदूषी अश्विनी भिड़े देशपांडे की राग—रागनियों से भी गुलजार होगी। आपके शास्त्रीय गायन के साथ विनोद लेले तबला संगत करेंगे और हारमोनियम पर साथ देंगे विनय मिश्रा। समारोह में ही देश के वरिष्ठ शास्त्रीय गायक साजन मिश्र शास्त्रीय गायन प्रस्तुत करेंगे। उनके साथ स्वरांश मिश्र भी गायन करेंगे। तबला संगत राकेश मिश्रा की होगी।

गौरतलब है कि स्पिक मैके युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति से जोड़ने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए संस्था देश के कुशल कलाकारों से उन्हें रूबरू कराता रहा है।इसके तहत भारतीय शास्त्रीय संगीत, नृत्य, लोकगीत, कविता, रंगमंच, पारंपरिक चित्र, शिल्प और योग के कार्यक्रमों को स्कूल व कॉलेजों में आयोजित किया जाता है। नए व पुराने कलाकारों को युवाओं से परिचित कराने के लिए बैठक, विरासत, फेस्ट और कंवेंशन आयोजित कराए जाते हैं। स्कूल-कॉलेजों में पढ़ रही युवा पीढ़ी को जोड़ने के लिए इस सांस्कृतिक मुहिम की शुरुआत वर्ष 1977 में की गई थी।