प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर्तव्य पथ पर बने कर्तव्य भवन-3 का उद्घाटन कर दिया है जिसके बाद आज कर्तव्य भवन थ्री में कई मंत्रालय शिफ्ट हो जाएंगे। दरअसल, दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में अलग-अलग मंत्रालय थे जिसे सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत अब एक ही जगह शिफ्ट किया जा रहा है। सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत ऐसे 10 कर्तव्य भवन बनाए जाने हैं, जिनमें से बने सबसे पहले भवन यानि कर्तव्य भवन-3 का आज उद्घाटन हुआ है। इसके बाद अब कर्तव्य भवन-3 में गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय, MSME, डीओपीटी यानि कार्मिक मंत्रालय, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय और प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार का ऑफिस होगा। ये मंत्रालय अभी शास्त्री भवन, कृषि भवन, निर्माण भवन और उद्योग भवन में थे। वहां से अब ये कर्तव्य भवन में शिफ्ट होंगे।

जो अभी नॉर्थ और साउथ ब्लॉक में मौजूद मंत्रालय हैं वो कर्तव्य पथ पर बने कर्तव्य भवन में शिफ्ट हो जाएंगे। ऐसे में सवाल ये है कि तक नॉर्थ और साउथ ब्लॉक का क्या होगा तो आपको बता दें कि इसके लिए भी सरकार ने रोड मैप तैयार कर लिया है। दोनों ब्लॉक को खाली कराकर इन्हें म्यूजियम में तब्दील किया जाएगा। जिसका नाम ' युगे युगीन भारत ' म्यूजियम रखा जाएगा। इसके ढांचे के साथ किसी तरह का छेड़छाड़ किए बगैर इसमें महाभारत काल से लेकर देश के आज तक के इतिहास, कला व संस्कृति आदि को प्रदर्शित किया जाएगा।
दरअसल, जो मौजूदा भवन हैं वह 1950 से 1970 के बीच बनाए गए थे। ये सभी पुराने हो गए है, इनका सालाना रखरखाव काफी महंगा हो गया था इसलिए मंत्रालयों के नए और अत्याधुनिक भवनों को बनाने की जरूरत पड़ी।
कर्तव्य भवन-3 कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट (CSS) की 10 बिल्डिंग में पहली है। यह सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट का हिस्सा है। अगले महीने तक कर्तव्य भवन-1 और कर्तव्य भवन-2 भी बनकर तैयार जाएंगे। दोनों का काम लगभग अंतिम चरण में है। प्रस्तावित अन्य सात भवन भी अप्रैल 2027 तक बनकर तैयार हो जाएंगे। इस परियोजना पर करीब 1000 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस परियोजना के तहत 50-60 साल पुरानी इमारतों को रिप्लेस किया जाएगा। CSS के निर्माण से मंत्रालय और विभाग एक ही छत के नीचे आ जाएंगे।
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