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Fact Check: छत्तीसगढ़ में आदिवासियों पर नहीं हुआ लाठीचार्ज, कर्नाटक का निकला असली वीडियो

 Published : Jan 08, 2024 11:49 pm IST,  Updated : Jan 09, 2024 06:28 am IST

इंटरनेट पर एक वीडियो इस दावे के साथ वायरल हो रहा है कि छत्तीसगढ़ में आदिवासियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया है। हालांकि जब हमने इसका फैक्ट चेक किया तो पाया कि ये वीडियो पिछले साल का है और कर्नाटक का है।

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आदिवासियों पर लाठीचार्ज वाले वीडियो का फैक्ट चेक Image Source : INDIA TV

India TV Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है, जिसके साथ ये दावा किया जा रहा है कि ये वीडियो छत्तीसगढ़ का है और यहां हसदेव अरणय के जंगलों को बचाने के लिए प्रदर्शन कर रहे आदिवासी समुदाय पर पुलिस बर्रबरता कर रही है और लाठीचार्ज कर रही है। साथ ही पुलिस महिलाओं को भी पीट रही है। इस वीडियो का जब हमने फैक्ट चेक किया तो पाया कि ये वीडियो छत्तीसगढ़ का नहीं बल्कि कर्नाटक का है।

क्या हो रहा वायरल?

दरअसल, एक X यूजर (@iamAKstalin) ने इस वीडियो को 5 जनवरी 2024 को शेयर किया था। इस वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा है, "छत्तीसगढ़ में जब तक भूपेश थे जब टेक भरोसा था आज भूपेश नहीं है अड़ानी की सरकार है और महिला को पीटा जा रहा है।"  (कैप्शन को जस का तस लिखा गया है)

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Image Source : SCREENSHOT सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा ये वीडियो

इस 33 सकेंड के वीडियो के में दिख रहा है कि किसी जंगली इलाके में काफी संख्या में लोग जमा हैं और साथ में पुलिस भी मौजूद है। इस दौरान भीड़ पर काबू पाने के दौरान एक महिला पुलिसकर्मी धक्का-मुक्की करती है और प्रदर्शन कर रही एक महिला गिर जाती है। 

इंडिया टीवी ने किया फैक्ट चेक

हमने सबसे पहले इस वीडियो के कुछ कीफ्रेम निकाले और गूगल पर रिवर्स सर्च किया। इस दौरान हमें Public TV की एक खबर मिली जो 5 दिसंबर 2023 को प्रकाशित की गई थी। इस खबर की हैडलाइन है- Was Dasara jumbo Arjuna injured in firing by forest staff? Mahout’s statement gives rise to suspicion (क्या जंबो अर्जुन वन कर्मचारियों की गोलीबारी में घायल हो गया था? महावत के बयान से संदेह बढ़ा)

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Image Source : SCREENSHOTPublic TV की वेबसाइट पर मिली घटना से संबंधित खबर

इस खबर में लिखा है, "स्थानीय लोगों और महावतों के भारी विरोध के बीच, फोर्टेस्ट विभाग ने पूरे राजकीय सम्मान के साथ सकलेशपुरा तालुक में यसलूर के पास दब्बालिक्कट्टे में केएफडीसी बागान में हाथी अर्जुन का अंतिम संस्कार किया। पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा क्योंकि कुछ संगठनों के नेताओं ने अर्जुन के शव को मैसूर ले जाने की मांग की और अंतिम अनुष्ठानों को बाधित करने की कोशिश की। इससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गयी।"

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Image Source : SCREENSHOTखबर में मिला वायरल वीडियो का एक कीफ्रेम

इसी खबर में नीचे जाने पर हमें वो तस्वीर भी मिली जो वायरल वीडियो थी। यहां भी वही महिला और पुलिसकर्मी आपस में भिड़ते दिखे जो वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे थे। इससे साफ हो गया था कि वायरल वीडियो इसी घटना का है। इसके बाद हमने इसी खबर को कीवर्ड की मदद से गूगल पर सर्च किया तो इसका वीडियो भी मिल गया।

ये वीडियो भी 5 दिसंबर 2023 को Public TV के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर अपलोड किया गया था। इसका टाइटल है- "सकलेशपुर में हाथी अर्जुन क्रीमेशन स्थल पर पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा | जनता टीवी"

पड़ताल में क्या निकला?

ये साफ हुआ कि वायरल वीडियो कर्नाटक में हुई हाथी की मौत के बाद प्रदर्शन का है, ना कि छत्तीसगढ़ में आदिवासियों पर लाठीचार्ज का है।

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