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दिल्ली की सड़कों पर रात में भीख मांगता था यह मुगल शहजादा, लाल किले में हुआ जन्म, जानें कौन था

Written By: Kajal Kumari @lallkajal
Published : Aug 27, 2025 02:04 pm IST,  Updated : Aug 27, 2025 02:04 pm IST
मुगलों का इतिहास खास रहा है। मुगल साम्राज्य का आखिरी बादशाह बहादुर शाह जफर, जिसे अंग्रेजों के हाथों अपनी सत्ता गंवानी पड़ी थी। साम्राज्य के पतन के बाद, मुगल वंशजों की जिंदगी बदहाल हो गई थी।
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मुगलों का इतिहास खास रहा है। मुगल साम्राज्य का आखिरी बादशाह बहादुर शाह जफर, जिसे अंग्रेजों के हाथों अपनी सत्ता गंवानी पड़ी थी। साम्राज्य के पतन के बाद, मुगल वंशजों की जिंदगी बदहाल हो गई थी।
एक मुगल शहजादा ऐसा भी था जिसका जन्म लाल किले में हुआ था लेकिन वह दिल्ली की गलियों में रात को भीख मांगने को मजबूर हो गया था।
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एक मुगल शहजादा ऐसा भी था जिसका जन्म लाल किले में हुआ था लेकिन वह दिल्ली की गलियों में रात को भीख मांगने को मजबूर हो गया था।
मुगल शहजादे मिर्जा जवान बख्त, जिनका जन्म लाल किले में हुआ था। लेकिन, सत्ता छिनने के बाद, वह रात को दिल्ली की सड़कों पर भीख मांगा करते थे, ताकि उनकी पहचान भी किसी के सामने न आए और उनका खर्चा भी चल पाए।
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मुगल शहजादे मिर्जा जवान बख्त, जिनका जन्म लाल किले में हुआ था। लेकिन, सत्ता छिनने के बाद, वह रात को दिल्ली की सड़कों पर भीख मांगा करते थे, ताकि उनकी पहचान भी किसी के सामने न आए और उनका खर्चा भी चल पाए।
एक और मुगल शहजादे के भीख मांगने की बात ख्वाजा हसन निजामी की किताब 'बेगमात के आंसू' में भी कही गई है। उनका नाम कमर सुल्तान बहादुर बताया जाता है।
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एक और मुगल शहजादे के भीख मांगने की बात ख्वाजा हसन निजामी की किताब 'बेगमात के आंसू' में भी कही गई है। उनका नाम कमर सुल्तान बहादुर बताया जाता है।
कमर सुल्तान बहादुर के बारे में कहा जाता है कि वो बहादुरशाह के पोते थे। बताया जाता है कि वह भीख मांगते वक्त कहते थे, 'या अल्लाह, मुझे इतना दे कि मैं अपने खाने के लिए सामान खरीद पाऊं।'
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कमर सुल्तान बहादुर के बारे में कहा जाता है कि वो बहादुरशाह के पोते थे। बताया जाता है कि वह भीख मांगते वक्त कहते थे, 'या अल्लाह, मुझे इतना दे कि मैं अपने खाने के लिए सामान खरीद पाऊं।'
बताया जाता है कि 1857 में अंग्रेजों ने बहादुर शाह जफर को म्यांमार भेज दिया था और उनके कई बच्चों और पोतों की हत्या कर दी गई थी।
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बताया जाता है कि 1857 में अंग्रेजों ने बहादुर शाह जफर को म्यांमार भेज दिया था और उनके कई बच्चों और पोतों की हत्या कर दी गई थी।
भारत के अलग-अलग हिस्सों में कुछ लोग मुगलों के वंशज होने का दावा करते हैं और यह भी बताते हैं कि उन्हें कोई खास सहायता नहीं मिल रही है। पाकिस्तान में भी मुगलों के कुछ वंशज मौजूद हैं।
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भारत के अलग-अलग हिस्सों में कुछ लोग मुगलों के वंशज होने का दावा करते हैं और यह भी बताते हैं कि उन्हें कोई खास सहायता नहीं मिल रही है। पाकिस्तान में भी मुगलों के कुछ वंशज मौजूद हैं।
मिर्ज़ा मुगल, अंतिम मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर के पांचवें पुत्र थे, जो बाद में ब्रिटिश राज के दौरान अंग्रेजों द्वारा मारे गए।
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मिर्ज़ा मुगल, अंतिम मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर के पांचवें पुत्र थे, जो बाद में ब्रिटिश राज के दौरान अंग्रेजों द्वारा मारे गए।
मुगल काल में शहजादों को अक्सर साम्राज्य चलाने, कला, दर्शन या साहित्य का संरक्षक होने या सैन्य अभियानों का नेतृत्व करने जैसे महत्वपूर्ण भूमिकाएं सौंपी जाती थीं।
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मुगल काल में शहजादों को अक्सर साम्राज्य चलाने, कला, दर्शन या साहित्य का संरक्षक होने या सैन्य अभियानों का नेतृत्व करने जैसे महत्वपूर्ण भूमिकाएं सौंपी जाती थीं।
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