पुरुषों की तुलना में महिलाओं में अल्जाइमर यानी कि भूलने की बीमारी की संभावना तेजी से बढ़ रही है। अल्ज़ाइमर एक तंत्रिका संबंधी विकार है जो धीरे-धीरे मस्तिष्क की स्मृति और सोचने की क्षमता को नष्ट कर देता है। अंततः, अल्ज़ाइमर रोग से ग्रस्त व्यक्ति साधारण से साधारण कार्य भी नहीं कर पाता। आमतौर पर, इस रोग के लक्षण 60 वर्ष की आयु के आसपास दिखाई देने लगते हैं। यह वृद्धों में मनोभ्रंश का सबसे आम कारण भी है। यानी इस बीमारी के चलते महिलाओं की सोचने और याद रखने की क्षमताएं प्रभावित हो रही हैं और ये कम उम्र की महिलाओं को भी परेशान कर रही है। चलिए हम बताते हैं कि इसके पीछे मुख्य वजहें कौन सी हैं और इसके जोखिम को कैसे कम करें?
महिलाओं में अल्जाइमर का खतरा क्यों है ज्यादा?
महिलाओं में अल्जाइमर के बढ़ने का सबसे बड़ा कारण है सेक्स क्रोमोसोम, हार्मोनल असंतुलन, मस्तिष्क संरचना, और जीवन के अनुभवों सहित कई स्वास्थ्य कारक।
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लंबी उम्र: पुरुषों और महिलाओं के बीच यह अंतर इसके कारण हो सकता है कि महिलाएं औसतन पुरुषों की तुलना में अधिक समय तक जीवित रहती हैं, और वृद्धावस्था अल्जाइमर का सबसे प्रबल जोखिम कारक है।
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हार्मोनल परिवर्तन: गर्भावस्था, प्रीक्लेम्पसिया और समय से पहले मेनोपोज़ जैसे हार्मोनल परिवर्तन महिलाओं में अल्ज़ाइमर के जोखिम को बढ़ा सकते हैं।
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प्रतिरक्षा प्रणाली: महिलाओं की प्रतिरक्षा प्रणाली अधिक मजबूत होती है, जिसके बारे में कुछ सिद्धांतों का सुझाव है कि इससे एमिलॉइड प्लाक का निर्माण बढ़ सकता है, जो अल्ज़ाइमर की वजह हो सकता है।
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सामाजिक-आर्थिक स्थिति: शिक्षा और व्यावसायिक अवसरों में ऐतिहासिक और निरंतर अंतर कुछ आबादी में महिलाओं के लिए उच्च जोखिम का कारण बन सकते हैं।
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लैंगिक गुणसूत्र और जीन: महिलाओं की कोशिकाओं में अधिक उपस्थित X गुणसूत्र, ऐसे जीन धारण करता है जो मस्तिष्क के कार्य और संज्ञान को प्रभावित करते हैं, और इस पर मौजूद विशिष्ट जीन को एडी से जोड़ा गया है।
जोखिम को कैसे कम कर सकती हैं?
एक्सपर्ट कहते हैं कि हालाँकि उम्र या जीन जैसे कुछ जोखिम कारकों को बदला नहीं जा सकता, लेकिन हाई ब्लड प्रेशर और एक्सरसाइज़ की कमी इस जोखिम को और भी तेजी से बढ़ा सकते हैं। इसलिए अपनी लाइफ स्टाइल में हेल्दी खानपान के साथ एक्सरसाइज़ को भी शामिल करें। व्यायाम मस्तिष्क में रक्त और ऑक्सीजन के प्रवाह को बढ़ाकर मस्तिष्क की कोशिकाओं की मदद कर सकता है
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)