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खतरे में Gen Z का फ्यूचर, भारत में जानलेवा बन रही हैं ये बीमारी, बचने के लिए अपनाएं ये रास्ता

 Written By: Bharti Singh @bhartinisheeth
 Published : Sep 25, 2025 12:54 pm IST,  Updated : Sep 25, 2025 12:54 pm IST

देश के युवाओं की सेहत पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। तेजी से लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियां बढ़ रही हैं, जिनसे बचने के लिए Gen Z जरा भा अलर्ट नहीं है। लेटेस्ट रिपोर्ट से सामने आए ये आंकड़े चौंकाने वाले हैं।

बीमारियों की चपेट में युवा- India TV Hindi
बीमारियों की चपेट में युवा Image Source : FREEPIK

दुनिया के 150 देशों में कैंसर, डायबिटीज और दिल की बीमारी से मौत का खतरा कम हो गया है। वहीं भारत उन देशों की लिस्ट में है जहां हालात उलट हैं। जी हां, हमारे देश में ये बीमारियां हर दिन के साथ और खतरनाक होती जा रही हैं। दरअसल, Lancet की रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया के 185 देशों में, 80 साल की उम्र तक के लोगों की मौत की वजहों पर स्टडी हुई। इस रिपोर्ट के आंकड़ों से पता चला कि 152 देशों में महिलाएं और 147 देशों में पुरुषों के लिए कैंसर-हार्ट प्रॉब्लम-और डायबिटीज जैसी बीमारियों से मौत का खतरा घटा है। लेकिन भारत में इसका ग्राफ उल्टा है। 

2001 में भारतीय पुरुषों में कैंसर, डायबिटीज और हार्ट डिजीज से जान जाने का खतरा 47% था। ये आंकड़ा 2019 में बढ़कर 49% हो गया। महिलाओं में भी यही पैटर्न दिखा 2001 में 56% से बढ़कर 2019 में ये आंकड़ा 58% पहुंच गया। जहां दुनिया राहत की ओर बढ़ रही है वहां भारत लगातार खतरे की ओर फिसल रहा है। दक्षिण कोरिया और जापान में महिलाओं का रिस्क सिर्फ 15-16% है। सिंगापुर और स्विट्जरलैंड में पुरुषों का रिस्क 29-30% तक घट चुका है। लेकिन भारत में खतरा बढ़ता ही जा रहा है। दिक्कत ये है कि देश की तस्वीर सिर्फ बुज़ुर्गों तक ही नहीं है बल्कि अब युवा भी इस ग्राफ में शामिल हो रहे हैं। 

Gen Z पर मंडरा रहा है खतरा

देश के 80% युवा मोटापे के शिकार हैं। 43% में हाई ब्लड प्रेशर, शुगर प्रॉब्लम है जिन्हें आज फिट और हेल्दी होना चाहिए,  वो ही नॉन-कम्युनिकेबल डिजीज की गिरफ्त में तेजी से आ रहे हैं। इसमें बड़ी चिंता की बात ये है कि लाइफ स्टाइल की ऐसी बीमारियों से बचने के लिए बुज़ुर्ग जहां फिजिकल एक्टिविटी की अहमियत समझ रहे हैं वहीं युवा इससे कोसों दूर हैं। ये सिर्फ आंकड़े भर नहीं है। आने वाली पीढ़ियों को सावधान होने की जरूरत है। ये नेक्स्ट जेनरेशन GEN -Z का फ्यूचर है। अगर ये ग्राफ ऐसे ही चढ़ता रहा तो बीमारियां बढ़ती रहेंगी। युवा और देश कहीं पीछे छूट जाएगा। अगर इन बीमारियों से बचना है तो स्वामी रामदेव के बताए योग और स्वस्थ जीवनचर्या को अपनाएं।

सुबह जल्दी कैसे उठें

जल्दी उठने के लिए सबसे पहले अपना टाइम टेबल बनाएं, जिसमें सोने का टाइम फिक्स करें। रात में कम से कम 7-8 घंटे की नींद जरूर लें। इससे आप सुबह जल्दी उठ जाएंगे। इससे धीरे-धीरे सोने और जगने का समय फिक्स हो जाएगा। सुबह जल्दी आंख खुल जाए इसके लिए रात में पानी पीकर सोएं।

उम्र के हिसाब से कितना होना चाहिए कोलेस्ट्रॉल

अगर आपकी उम्र 40 साल से कम है तो पुरुष का कोलेस्ट्रॉल  LDL  240 से ऊपर और  HDL 160 से ऊपर होना खतरनाक है। वहीं 50 साल तक की महिलाओं का कोलेस्ट्रॉल भी इतना होना चाहिए। 40-59 साल के पुरुष और 50-59 की महिला का कोलेस्ट्रॉल LDL 200-239 और HDL 100-159 के बीच होना चाहिए। अगर  60 से ऊपर आपकी उम्र है तो आपका LDL 200 के अंदर और HDL 100 के अंदर होना चाहिए। हार्ट की नली में कोलेस्ट्रॉल जमना खतरनाक है।

हार्ट के लिए जरूरी चेकअप

महीने में एक बार ब्लड प्रेशर जरूर चेक करवाएं। 6 महीन पर अपने कोलेस्ट्रॉल की जांच करवाएं। 3 महीने पर ब्लड शुगर और 6 महीने पर EYE टेस्ट करवाएं, साल में एकबार फुल बॉडी भी जरूर करवाना चाहिए।

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)

 

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