आज हम, अच्छी नींद कैसे आए इसके लिए--10, 3, 2, 1, 0 वाला ये फॉर्मूला लेकर आए हैं जिम्मेदारियों के चलते, अगर आपकी भी नींद अक्सर पूरी नहीं होती तो अच्छी नींद के लिए इस फॉर्मूले को आजमाइए। यकीन मानिए, अगली सुबह एकदम तरोताजा महसूस करेंगे। इस फॉर्मूले में 10 का मतलब है सोने से दस घंटे पहले, कैफीन यानि चाय-कॉफी से दूरी। स्टडी भी कहती है कैफीन इंटेक से total sleeping hours में 45 मिनट कम हो जाता है। सोने से तीन घंटे पहले भोजन कर लेना चाहिए। दो की बात करें तो सोने के दो घंटे पहले ऑफिस के काम या स्ट्रेस देने वाली कोई भी एक्टिविटी बंद कर देनी चाहिए क्योंकि इससे कार्टिसोल हार्मोन का लेवल बढ़ता है और नींद में दिक्कत आती है।
अब बात एक की तो सोने से एक घंटा पहले, स्क्रीन से दूर हो जाइए क्योंकि इससे निकलने वाली ब्लू लाइट नींद के लिए जिम्मेदार मेलाटोनिन हार्मोन के सीक्रेशन को रोकती है। आखिर में जीरो, जीरो मतलब ये कि सुबह अलार्म के स्नूज बटन को नहीं दबाना है। अक्सर आलस में लोग ऐसा करते हैं और बार-बार अलार्म बजने के चलते नींद टूटती है और साथ में, हर रोज 40 मिनट योग तो करना ही करना है। फिर नींद भी सुकून वाली आएगी और अनिद्रा से होने वाली लाइफ स्टाइल की बीमारियों का खतरा भी टलेगा।
फैसले लेने में मुश्किल
सीखने की क्षमता घटती है
याद्दाश्त कमज़ोर होती है
स्ट्रेस
एंग्जायटी
डिप्रेशन
BP इम्बैलेंस
दिमाग में टॉक्सिन बनते हैं
टॉक्सिन से शरीर में बदलाव
नेचुरल किलर सेल टी-सेल 70% कम
एंटीबॉडी कम बनते हैं
इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है
इंसुलिन रेजिस्टेंस
स्ट्रेस हार्मोन्स
इंफ्लेमेशन
शरीर में शुगर का लेवल बिगड़ने लगता है
हेल्दी इंसान के डायबिटिक होने का खतरा
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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