पीसीओएस (Polycystic ovary syndrome) महिलाओं की एक ऐसी समस्या है जिसमें ओवरीज में सिस्ट बढ़ने लगता है। ये अक्सर महिलाओं के रिप्रोडक्टिव हेल्थ को भी प्रभावित करता है जिससे पीरियड्स असंतुलित हो जाता है। चेहरे पर एक्ने की समस्या हो सकती है। बाल झड़ सकते हैं और आपका वजन भी बढ़ सकता है। इसके अलावा ये फर्टिलिटी को भी प्रभावित करती है जिससे मां बनने में मुश्किल आ सकती है। ऐसे में आप हार्मोनल हेल्थ को बेहतर बनाने के लिए इन टिप्स की मदद ले सकते हैं। इनकी खास बात ये है कि ये आसान हैं पर इनका प्रभाव कापी गहरा है।
सीड साइकलिंग में आपको अलसी, सूरजमुखी के बीज और फिर तील के बीजों को अपनी डाइट में शामिल करना है। इसके अलावा आप चिया सीड्स को भी इसमें शामिल कर सकते हैं। आपको करना ये है कि हर दिन बदल बदलकर बीजों को भिगोकर इसे सुबह खाली पेट लेना है। ऐसा करना हार्मोनल हेल्थ को बेहतर बनाता है और इस समस्या में कमी लाता है।
अजवाइन का पानी पीसीओएस का एक बेहद कारगर घरेलू उपचार है। ये पहले तो आपकी पाचन गति को तेज करता है और दूसरा स्ट्रेस कम करके हार्मोनल हेल्थ तो बेहतर बनाता है। इसके अलावा ये एंटी इंफ्लेमेटरी भी है जो कि पीसीओएस की समस्या में कमी ला सकता है।

हाई फाइबर फूड्स जैसे कि मोटे अनाज जिनमें ज्वार और बाजरा आते हैं, इन्हें खाना पीसीओएस की समस्या को कम करने में मदद कर सकता है। इसके अलावा फाइबर से भरपूर ब्रोकली और केला खाना भी पीसीओएस की समस्या को कम करने में मदद कर सकता है। इससे लक्षणों में कमी आती है।
कैमोमाइल टी पीना पीसीओएस की समस्या को कम करने में मदद कर सकता है। ये स्ट्रेस को कम करता है और हार्मोनल हेल्थ को बेहतर बनाने में मदद करता है। इसके अलावा ये पीरियड्स की समस्या में भी कमी लानेस, नींद को बेहतर बनाने और हार्मोनल संतुलन को बेहतर बनाने में मदद करता है। तो, इन तमाम टिप्स की मदद से आप पीसीओएस की समस्या को कंट्रोल में रखने की कोशिश कर सकते हैं।
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