1. Hindi News
  2. हेल्थ
  3. अगर इस समय आता है चक्कर तो हो जाएं सावधान, बेहद गंभीर बीमारी का है संकेत

अगर इस समय आता है चक्कर तो हो जाएं सावधान, बेहद गंभीर बीमारी का है संकेत

 Published : Nov 16, 2023 10:32 pm IST,  Updated : Nov 16, 2023 10:32 pm IST

कुछ लोग जब सोते हैं तो अचानक से उन्हें चक्कर जैसा महसूस होता है। पहले तो लोग इसे थकान से जोड़कर देखते हैं फिर उन्हें लगता है कि ये आम बात है। लेकिन, ऐसा सोचना गलत है और ये किसी गंभीर बीमारी की ओर सकंते हो सकता है। तो, जानते हैं सोते समय चक्कर आने का कारण।

dizziness while sleeping- India TV Hindi
dizziness while sleeping Image Source : SOCIAL

चक्कर आना एक आम सी दिक्कत है। जब शरीर में कमजोरी होती है तब भी लोगों को चक्कर होते हैं। जब प्रेगनेंसी होती है तब भी लोगों को चक्कर आते हैं। गैस बनने और पेट सही न होने पर भी लोगों को चक्कर आते हैं।  इसके अलावा कई बीमारियों में भी चक्कर आने की स्थिति को महसूस करते हैं। लेकिन, जब सोने के दौरान चक्कर आने लगे तो आपको थोड़ा सावधान होना चाहिए। क्योंकि ये एक गंभीर स्थिति है जिसे आंख बंद करके नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। ऐसे में जानते हैं सोते समय चक्कर आने का कारण और हमें क्यों सतर्क रहना चाहिए।

सोते समय चक्कर क्यों आते हैं-Causes of dizziness while sleeping in hindi

सोते समय चक्कर आना वेस्टिबुलर बीमारी से जुड़ी हुई हो सकती है। वेस्टिबुलर समस्याओं के सामान्य कारण जैसे लो बीपी, सेरेब्रोवास्कुलर दुर्घटना, हीमोफिलिया, ब्लड वेसेल्स में रुकावट, मस्तिष्क में रक्त का प्रवाह कम होना, न्यूरिटिस, ओटिटिस मीडिया, सिर में चोट और तंत्रिका तंत्र से जुड़ी बीमारियां हो सकती हैं। ऐसे में जैसे ही आप सोते हैं सिर में चक्कर आने लगता है।  

इस फल का जूस फ्लश आउट कर देगा हड्डियों में जमा प्यूरिन, हाई यूरिक एसिड वाले जरूर पिएं

ये बीमारी है सबसे आम कारण

लेटते समय चक्कर आने के सबसे आम कारणों में है पैरॉक्सिस्मल पोजिशनल वर्टिगो (benign paroxysmal positional vertigo)। यह स्थिति तब होती है जब आंतरिक कान में छोटे गुरुत्वाकर्षण-संवेदी क्रिस्टल गलती से कान के कुछ हिस्सों में चले जाते हैं अर्थात्, वे हिस्से जो सिर की गति का पता लगाते हैं। इसकी वजह से अचानक चक्कर आने लगता है। बीपीपीवी से जुड़े चक्कर आने के लक्षण अक्सर तब होते हैं जब आप बिस्तर पर लेटते हैं या करवट बदलते हैं। आमतौर पर ये 10 से 20 सेकंड के बीच  रहते हैं।

काला नमक या सेंधा नमक कौन सा बेहतर है? जानें हाई बीपी में क्या खाएं

तो, इन दोनों ही कारणों को नजरअंदाज न करें।  क्योंकि ये एपिसोड विचलित कर सकते हैं और खतरनाक भी हो सकते हैं, क्योंकि इसमें व्यक्ति गलती से बिस्तर से लुढ़ सकता है या फिर अचानक गिरने से उसे चोट लग सकती है। तो, अगर ये लक्षण महसूस हो तो डॉक्टर को दिखाएं।

(ये आर्टिकल सामान्य जानकारी के लिए है, किसी भी उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें)

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। हेल्थ से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।