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डायबिटीज के मरीज को थायराइड से क्यों रहना चाहिए सावधान, डॉक्टर ने बताया कितना बढ़ जाता है खतरा

 Written By: Bharti Singh @bhartinisheeth
 Published : Jun 05, 2025 06:30 am IST,  Updated : Jun 05, 2025 06:30 am IST

Thyroid And Diabetes Connection: थायराइड और डायबिटीज दोनों ही खतरनाक स्थिति हैं। हालांकि बहुत कम लोगों को इसकी जानकारी है कि ये दोनों बीमारियां आपस में जुड़ी हैं। इसलिए डायबिटीज के मरीज को थायराइड और थायराइड के मरीज को डायबिटीज होने का खतरा बढ़ जाता है।

डायबिटीज और थायराइड में संबंध- India TV Hindi
डायबिटीज और थायराइड में संबंध Image Source : INDIA TV

भारत में लगभग 10 में से 1 युवा को थायरॉइड की समस्या है और लगभग 11 में से 1 युवा डायबिटीज का शिकार है। लेकिन बहुत कम लोगों को ये पता है कि डायबिटीज और थायराइड एक दूसरे से आपस में जुड़ी मेडिकल कंडीशन है। क्योंकि टाइप 2 डायबिटीज वाले 4 में से 1 व्यक्ति को हाइपोथायरायडिज्म भी होता है। ऐसी स्थिति जिसमें थायरॉयड ग्रंथि कम सक्रिय होती है। ये दोनों कंडीशन शरीर की एनर्जी को प्रभावित करती हैं।

थायरॉइड और डायबिटीज के बीच संबंध

थायरॉयड एक तितली के आकार की ग्रंथि है जो गर्दन के नीचे होती है। ये ग्रंथि मेटाबॉलिज्म को कंट्रोल करने और शरीर की एनर्जी के उपयोग में अहम भूमिका निभाती है। थायराइड हार्मोन और इंसुलिन दोनों ही शरीर की एनर्जी को मैनेज करते हैं। थायराइड हार्मोन ये कंट्रोल करता है कि आपका शरीर कितनी तेजी से एनर्जी का उपयोग करता है, जबकि इंसुलिन आपके ब्लड शुगर के स्तर को मैनेज करने में मदद करता है। दोनों मिलकर आपके मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाने का काम करते हैं। ऐसे में एक फंक्शन डिस्टर्ब होने से दूसरा भी प्रभावित होता है।

एबॉट इंडिया की मेडिकल अफेयर्स हेड डॉक्टर रोहिता शेट्टी की मानें तो 'मधुमेह से पीड़ित लोग आमतौर पर अपने ब्लड शुगर के स्तर के बारे में जानते हैं और उतार-चढ़ाव को कंट्रोल करना भी जानते हैं। लेकिन थायरॉयड के लक्षणों को लोग कई बार अनदेखा कर देते हैं, जो ब्लड शुगर लेवल को भी प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए थायरॉइड को कंट्रोल रखना जरूरी है।

हाइपोथायरायडिज्म 

हाइपोथायरायडिज्म शरीर में इंसुलिन के प्रोसेस को धीमा कर देता है। इसका मतलब है कि इंसुलिन रक्तप्रवाह में लंबे समय तक रहता है, जिससे अचानक से ब्लड शुगर कम हो सकता है। इससे मेटाबॉलिज्म स्लो हो जाता है और वजन बढ़ने लगता है। इससे इंसुलिन रेसिस्टेंस बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में शुगर को कंट्रोल करना मुश्किल होता है।

हाइपरथायरायडिज्म

हाइपरथायरायडिज्म मेटाबॉलिज्म को बढ़ा देता है। जिससे शरीर भोजन से ग्लूकोज को अधिक तेजी से अवशोषित करता है। हालांकि, सेल्स इंसुलिन के प्रति कम रिएक्टिव हो जाती हैं। जिससे ब्लड शुगर हाई (हाइपरग्लाइसेमिया) हो जाता है। ऐसे में डायबिटीज को कंट्रोल करना मुश्किल हो जाता है।

थायराइड और शुगर को कैसे कंट्रोल करें

थायरॉइड को कंट्रोल करने से शुगर को नियंत्रित करने में काफी मदद मिल सकती है। इसके लिए हेल्दी डाइट, डेली वर्कआउट और डॉक्टर की सलाह  से समय पर दवा खाना शामिल है। इससे थायराइड और ब्लड शुगर दोनों को कंट्रोल किया जा सकता है। अपने डॉक्टर की सलाह से समय-समय पर थायराइड फंक्शन और ब्लड शुगर की नियमित जांच करवाते रहें। इसके लिए खुद को फिजिकली एक्टिव रखें। अच्छा और घर का बना खाना खाएं। रात में पर्याप्त नींद लें। इससे थायराइड और शुगर दोनों को कंट्रोल करना आसान हो जाएगा। 

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।) 

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