नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने गोवा विधानसभा में गुरुवार को शक्ति परीक्षण के आदेश दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश मंगलवार को आया। गोवा के मुख्यमंत्री के तौर पर पर्रिकर मंगलवार शाम ही शपथ लेने वाले हैं।
गोवा की 40 सदस्यीय विधानसभा के लिए हुए चुनाव में 17 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप उभरने वाली कांग्रेस ने भाजपा को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने के राज्यपाल मृदुला सिन्हा के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।
गोवा में सरकार गठन को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंची कांग्रेस पार्टी को झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सरकार बनाने के लिए न्योता देना गवर्नर के विशेषाधिकार का है। उस वक्त आप कहां थे जब पर्रिकर ने सरकार बनाने का दावा किया? कांग्रेस ने गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा द्वारा मनोहर पर्रिकर को राज्य का मुख्यमंत्री नियुक्त किए जाने के फैसले को चुनौती देते हुए उच्चतम न्यायालय का रूख किया था।
गौरतलब है कि कांग्रेस ने सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने के बावजूद सरकार बनाने के लिए खुद को न बुलाए जाने पर आपत्ति जताई थी। उसका कहना है कि गोवा विधानसभा चुनाव में वह अकेले सबसे बड़े दल के तौर पर उभरी है। उल्लेखनीय है कि गोवा में कांग्रेस के 17 विधायक हैं जबकि भाजपा के विधायकों की संख्या 13 है।
गोवा में सरकार बनाने के लिए किसी भी पार्टी को 21 सीटों की जरूरत है। भाजपा को हालांकि 13 सीटें मिली हैं, लेकिन उसने अन्य विधायकों के समर्थन का पत्र राज्यपाल को सौंपकर सरकार बनाने का दावा पेश किया, जबकि कांग्रेस यहां चूक गई।
विधायक दल का नेता नहीं चुने जाने की वजह से कांग्रेस सोमवार को सरकार बनाने का दावा पेश नहीं कर पाई।