1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. पाकिस्तानी हिन्दुओं की अपील-हमारी पीड़ा समझें, संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन ना करें

पाकिस्तानी हिन्दुओं की अपील-हमारी पीड़ा समझें, संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन ना करें

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Dec 24, 2019 02:57 pm IST,  Updated : Dec 24, 2019 02:57 pm IST

राष्ट्रीय राजधानी के विभिन्न हिस्सों में रह रहे पाकिस्तानी हिन्दुओं ने मंगलवार को लोगों से अपील की कि वे ‘‘उनकी पीड़ा को समझें’’ और संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन ना करें।

पाकिस्तानी हिन्दुओं की अपील-हमारी पीड़ा समझें, संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन ना करें- India TV Hindi
पाकिस्तानी हिन्दुओं की अपील-हमारी पीड़ा समझें, संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन ना करें

नयी दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी के विभिन्न हिस्सों में रह रहे पाकिस्तानी हिन्दुओं ने मंगलवार को लोगों से अपील की कि वे ‘‘उनकी पीड़ा को समझें’’ और संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन ना करें। संसद में संशोधित नागरिकता विधेयक पारित होने के बाद अपनी एक महीने की पोती का नाम ‘नागरिकता’ रखने वाली मीरा दास (40) का कहना है, ‘‘हम अपना घर, जमीन सब पीछे छोड़ आए हैं... सबकुछ पाकिस्तान में है। अब यही हमारा घर है। अगर आप हमें स्वीकार नहीं करेंगे तो हम कहां जाएंगे? कृपया हमारी पीड़ा को समझें और हमारे घावों को भरने वाले (कानून) के खिलाफ प्रदर्शन ना करें।’’

Related Stories

पाकिस्तान के हैदराबाद से 2011 में दिल्ली आयीं सोना दास (42) ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘हमने जो तकलीफें झेली हैं, अगर आप उससे गुजरे होते तो आप कभी प्रदर्शन नहीं करते। यह कानून हमारे लिए आशा की नयी किरण है।’’

पाकिस्तान में असहनीय प्रताड़ना के चलते भारत में शरण लेने वाले लोग जब आपबीती सुनाते हैं तो उनका दर्द आंसू बनकर छलक जाता है। वे कहते हैं- वहां हमें पाकिस्तानी नहीं समझा गया और यहां हिंदू नहीं माना जा रहा है। 

हिंदुस्तान हमें अपने घर जैसा लगता है। यहां शांति है, सुकून है। केंद्र की मोदी सरकार ने हमारे लिए भगवान जैसा काम किया है। तौहीन ए रिसालत कानून पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के लिए काल बन गया है।

सात साल पहले पाकिस्तान में अपना घर, नौकरी व रिश्तेदारों को छोड़कर हिंदुस्तान आए सैकड़ों परिवारों का दर्द कम तो हुआ है, लेकिन अब भी खत्म नहीं हुआ। वे दुखी हैं कि वहां उन्हें पाकिस्तानी की बजाय हिंदू मानकर प्रताड़ित किया गया। अब हिंदुस्तान आए हैं तो उन्हें हिंदू की बजाय पाकिस्तानी कहा जाता है।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत