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असम सरकार ने 'जिहादी' साहित्य पर लगाया बैन, जानें प्रतिबंध के दायरे में क्या-क्या आएगा

असम सरकार ने आतंकी संगठनों JMB, ABT और AQIS से जुड़े किसी भी ‘जिहादी’ साहित्य और डिजिटल कंटेंट के प्रकाशन, बिक्री, वितरण और संग्रह पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। BNSS की धारा 98 के तहत लगाए गए इस प्रतिबंध का उद्देश्य युवाओं को कट्टरपंथी प्रचार से बचाना बताया गया है।

Edited By: Vineet Kumar Singh @VickyOnX
Published : Dec 04, 2025 11:11 pm IST, Updated : Dec 04, 2025 11:11 pm IST
Assam jihadi literature ban, Assam government notification, radical content prohibition- India TV Hindi
Image Source : PTI असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा।

गुवाहाटी: असम सरकार ने आतंकी संगठनों से जुड़े किसी भी तरह के कट्टरपंथी या 'जिहादी' साहित्य के प्रकाशन, छपाई, बिक्री, वितरण, प्रदर्शन, रखने और संग्रह करने पर पूरी तरह रोक लगा दी है। सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक, यह रोक किताबों, पत्रिकाओं के साथ-साथ डिजिटल सामग्री जैसे कि वेबसाइट, सोशल मीडिया पेज, एन्क्रिप्टेड चैनल और ऑनलाइन ग्रुप पर भी लागू होगी।  राज्य के राजनीतिक (ए) विभाग द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (JMB), अंसारुल्लाह बांग्ला टीम (ABT), अंसार-अल-इस्लाम/प्रो-AQIS और इनसे जुड़े या इसी तरह के अन्य प्रतिबंधित संगठनों से संबंधित कोई भी उग्र या जिहादी साहित्य, दस्तावेज, सामग्री या डिजिटल कंटेंट अब असम में नहीं चल सकेगा।

अधिसूचना में क्या लिखा है?

अधिसूचना में स्पष्ट लिखा है, 'आंतरिक सुरक्षा की रक्षा करने और आसानी से प्रभावित होने वाले नौजवानों को चरमपंथी प्रचार से बचाने के लिए असम सरकार ने उपरोक्त संगठनों से जुड़ी किसी भी तरह की कट्टरपंथी या जिहादी साहित्य, किताबें, लेख, वेबसाइट और अन्य डिजिटल सामग्री को जब्त करने का फैसला किया है।' यह प्रतिबंध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (BNSS) की धारा 98 के तहत लगाया गया है। सरकार ने कहा है कि ये सामग्रियां भारत की संप्रभुता, अखंडता और सुरक्षा के लिए खतरा हैं।

इन किताबों-वीडियो में क्या होता है?

सरकार ने जिन 'जिहादी' साहित्य पर प्रतिबंध लगाया है उनमें आमतौर पर निम्नलिखित सामग्री होती है:

हिंसक जिहाद की तारीफ  

नौजवानों को कट्टर बनाने की कोशिश  
आतंकी विचारधारा का प्रशिक्षण  
भर्ती और ऑपरेशन की ट्रेनिंग  
भारत की संप्रभुता के खिलाफ भड़काना

सरकार का कहना है कि असम पुलिस की खुफिया रिपोर्ट, साइबर गश्त और हाल की जांच में पता चला है कि ये प्रतिबंधित संगठन अभी भी राज्य में अपना जिहादी साहित्य और डिजिटल प्रचार सामग्री फैला रहे हैं। इससे सार्वजनिक व्यवस्था, आंतरिक सुरक्षा और सांप्रदायिक सौहार्द को गंभीर खतरा है।

सख्ती से पालन के आदेश

असम पुलिस, स्पेशल ब्रांच, क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID), सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक और साइबर क्राइम यूनिट को निर्देश दिए गए हैं कि इस आदेश का सख्ती से पालन करवाएं और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करें। गौरतलब है कि पहले भी असम पुलिस ने जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (JMB), अंसारुल्लाह बांग्ला टीम (ABT), अंसार-अल-इस्लाम और अन्य कट्टर समूहों के कई सदस्यों को गिरफ्तार किया है। केंद्र सरकार ने इन संगठनों को UAPA, 1967 की धारा 35 के तहत आतंकी संगठन घोषित कर रखा है। असम सरकार का यह कदम राज्य में बढ़ते कट्टरपंथी प्रचार पर लगाम कसने की बड़ी कोशिश मानी जा रही है। (ANI)

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