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D Company : NIA की जांच में हुआ बड़ा खुलासा, चोरी के फोन से D कंपनी चलाता है अपना सिंडिकेट

 Reported By: Rajiv Singh Edited By: Shailendra Tiwari
 Published : Sep 07, 2022 11:05 am IST,  Updated : Sep 07, 2022 11:10 am IST

D Company: एजंसियों ने भी बताया कि देशभर में चोरी होनेवाले स्मार्ट फोन को मुंबई में बैठे D-कम्पनी के टेक्नो एक्सपर्ट्स लेकर उनके IMEI नम्बर मैनुप्लेट करते है और चोरी किए गए 40 से 50 मोबाइल नम्बरों के IMEI नम्बर एक ही करके उन्हें बांग्लादेश पार्सल किया जाता है। बांग्लादेश के रास्ते ये मोबाइल फोन पाकिस्तान पहुँचते है।

Dawood Ibrahim- India TV Hindi
Dawood Ibrahim Image Source : FILE PHOTO

Highlights

  • इंटेलिजेंस शेयरिंग मीटिंग में हुआ खुलासा
  • फोन के IMEI नम्बर मैनुप्लेट करते हैं D कम्पनी के टेक्नो एक्सपर्ट्स
  • बांग्लादेश के रास्ते ये मोबाइल फोन पाकिस्तान पहुँचते है ये फोन

D Company: भारत के मोस्ट वांटेड डॉन दाउद से जुड़ी D कम्पनी को लेकर NIA ने एक बड़ा खुलासा किया है। मिली जानकारी के मुताबिक, इंटेलिजेंस ब्यूरो से लेकर एनआईए डीआरआई, कस्टम,मिलिट्री इंटेलिजेंस, स्टेट इंटेलिजेंस समेत सभी जाँच एजेन्सियों की हुई सब्सिडीटरी मल्टी इंटेलिजेस यूनिट की मीटिंग में इंटेलिजेंस शेयरिंग मीटिंग में खुलासा हुआ। जानकारी के मुताबिक, देश भर में चोरी किए गए मोबाइल फोन की IMEI नम्बर बदलने के बाद बांग्लादेश के रास्ते पाकिस्तान पहुंचे फोन से D कम्पनी का सिंडिकेट ऑपरेट होता है। 

बांग्लादेश के रास्ते पहुँचते हैं पाकिस्तान

एजंसियों ने भी बताया कि देशभर में चोरी होनेवाले स्मार्ट फोन को मुंबई में बैठे D-कम्पनी के टेक्नो एक्सपर्ट्स लेकर उनके IMEI नम्बर मैनुप्लेट करते है और चोरी किए गए 40 से 50 मोबाइल नम्बरों के IMEI नम्बर एक ही करके उन्हें बांग्लादेश पार्सल किया जाता है। बांग्लादेश के रास्ते ये मोबाइल फोन पाकिस्तान पहुँचते है और फिर वहाँ से D कम्पनी इन मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए एक्सटॉर्शन,नार्को टेररिजम,टेरर फ़ंडिंग, टेरर ऑपरेशन और आर्म्स डिलिंग जैसे धंधों को चलाते हैं और जाँच एजंसियों की नजर तक में नहीं आते। 

इंटेलिजेंस डिपार्टमेंट पता लगाने में जुटी

स्टेट इंटेलिजेंस के एडिशनल डायरेक्टर ने जब इसपर नकेल कसने के लिए समाधान मांगा तो उन्हें बताया गया कि इस टेक्नोलॉजी और सिंडिकेट का तोड़ जाँच एजेन्सियों तक के पास नहीं है। इंटेलिजेंस डिपार्टमेंट के मुताबिक वो फिलहाल इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने वाले सदिग्ध शख्स,लैपटॉप, और इस टेक्नोलॉजी का पता लगाने में जुटे हुए हैं। इंटेलिजेंस शेयरिंग मीटिंग के मिनिट्स में क्राइम ब्रांच ने खुलासा किया कि वो पिछले कुछ दिनों से क्राइम ब्रांच, एनआईए के साथ D कम्पनी पर नकेल कसने के लिए चल रहे ऑपरेशन में शामिल है।

वहीं,ATS के मुताबिक जिस तरह की मोड्स ऑपरेंडी का जिक्र जाँच एजंसियां कर रही है वैसा ही एक केस आज से डेढ़ साल पहले सामने भी आया था। मुम्बई के पायधुनी इलाके में एक शख्स जर्मनी से लाए गए एक सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर रहा था। जिसकी जानकारी सभी जाँच एजेंसियों को साझा करने के निर्देश दिए गए।

सलीम फ्रूट ने किए कई खुलासे

वहीं इंडिया TV को केंद्रीय जांच एजेंसियों की तरफ से दाऊद को लेकर चौंकाने वाली जानकारी भी मिली है। एनआईए की पूछताछ में छोटा शकील का बहनोई सलीम फ्रूट ने कई खुलासे किए है। सूत्रों के मुताबिक एनआईए की इंट्रोगेशन में बताया कि साल 2014 में अनीस इब्राहिम की बेटी के लिए गहने, शादी का लहंगा और दाऊद इब्राहिम का शूट मुम्बई के नागपाड़ा में बना था और अनीस इब्राहिम के कहने पर अनीस इब्राहिम के बेटी का लहंगा और दाऊद इब्राहिम के लिए बनाया गया स्पेशल शूट लेकर उमराह के नाम पर सउदी अरब के लिए निकला और कराची में उतरकर अनीस इब्राहीम की बेटी की शादी में शामिल भी हुआ। सलीम फ्रूट की पत्नी इस शादी में शामिल होने के लिए नेपाल के रास्ते पाकिस्तान कराची में दुल्हन के गहने लेकर पहुँची थी। 

इंडिया में बना था दाउद का शूट

एनआईए की पूछताछ सलीम फ्रूट ने बताया कि अनीस इब्राहिम की बेटी की शादी में दाऊद के भाई नूरा से लेकर परिवार का हर सदस्य शामिल हुआ था इसके अलावा ISI के कई बड़े अफसर भी इस शादी में शामिल हुए थे। दाऊद इस शादी में इंडिया में बने शूट पहनकर कमांडोज़ की सुरक्षा में कुछ देर के लिए शामिल भी हुआ था। लेकिन दाऊद तक पहुँचना नामुमकिन था इसलिए वो केवल दूर से दाऊद को देख पाया। सलीम फ्रूट के मुताबिक सलीम लंगड़ा कई बार केवल माप लेकर दाऊद के शूट सिलवाता था और सलीम फ्रूट के जरिए कई बार दुबई सउदी के रास्ते दाऊद इब्राहिम तक मुम्बई के बनाए गए शूट पहुँचते थे। लेकिन साल 2018-19 से कोरोना काल के बाद से कुछ नहीं भेजा गया है। 

बयान की कोई वैल्यू नहीं है- सलीम फ्रूट के वकील

हालांकि एनआईए के सामने सलीम कुरेशी उर्फ सलीम फ्रूट के दिए गए बयान को लेकर सलीम फ्रूट के वकील विकार राजगुरू का कहना है कि एनआईए का सामने दर्ज किया गया बयान कोर्ट में एडमिशेबल नहीं है। ऐसे में उस बयान की कोई वैल्यू नहीं है। असल में एनआईए किसी और दिए गए बयान,बातों और अफवाहों को ग्राउंड बनाकर उसे सलीम फ्रूट के स्टेटमेंट में मेंशन कर रही है। सूत्र ने बताया कि सलीम फ्रूट कोर्ट में अपना बयान दर्ज करवाएगा, तब वो कई चीजों का खुलासा करेगा। सलीम फूट के बयान के नाम पर मीडिया ट्रायल करने की तैयारी की जा रही है।

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