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बढ़ती गर्मी से धू-धू कर जल रहे हैं उत्तराखंड के जंगल, जान बचाकर भागे वन कर्मी, कुछ दिनों में और बढ़ सकती हैं मुश्किलें

फायर सीजन शुरू होने के बाद से ही उत्तराखंड में वनों के सुलगने का सिलसिला जारी है। बीते 24 घंटे में प्रदेश में 13 घटनाओं में 14.18 हेक्टेयर वन क्षेत्र को आग से नुकसान पहुंचा है। मौसम के मिजाज को देखते हुए आने वाले कुछ दिनों में मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।

IndiaTV Hindi Desk Edited by: IndiaTV Hindi Desk
Published on: April 10, 2022 16:08 IST
Forest Fire- India TV Hindi
Image Source : PTI (REPRESENTATIONAL IMAGE) Forest Fire

देहरादून: उत्तराखंड में गर्मी बढ़ने के साथ जंगल की आग भी तेजी से फैलने लगी है। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से अगले कुछ दिन तापमान में और बढ़ोतरी होने की चेतावनी जारी की गई है। वन विभाग ने भी हाई अलर्ट जारी कर दिया, साथ ही जंगल की आग की घटनाएं बढ़ने को लेकर सतर्कता बरतने की सलाह दी है। जिस पर वन विभाग ने भी हाई अलर्ट जारी कर दिया है। सभी प्रभागीय वन अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने और क्रू स्टेशन पर समन्वय बनाए रखने को कहा गया है। आग पर काबू पाने के लिए राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) से भी मदद ली जा रही है। साथ ही ग्रामीणों और वन पंचायतों से भी सहयोग लिया जा रहा है।

चमोली कर्णप्रयाग के नंदानगर स्थित लाखी गांव के जंगल में लगी आग पर वनकर्मियों ने करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद काबू पाया। जंगल में लगी आग से पत्थर छिटककर निचले क्षेत्रों में आ गए। वनकर्मी मुश्किल से जान बचाकर भाग निकले।

वनों के सुलगने का सिलसिला जारी

फायर सीजन शुरू होने के बाद से ही उत्तराखंड में वनों के सुलगने का सिलसिला जारी है। बीते 24 घंटे में प्रदेश में 13 घटनाओं में 14.18 हेक्टेयर वन क्षेत्र को आग से नुकसान पहुंचा है। इसी के साथ फायर सीजन में 15 फरवरी से अब तक कुल 298 घटनाओं में 356 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ है। वन विभाग के तमाम प्रयासों के बावजूद आग पर काबू पाना चुनौती बना हुआ है।

कुछ दिनों में और बढ़ सकती हैं मुश्किलें
मौसम के मिजाज को देखते हुए आने वाले कुछ दिनों में मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। वनों की आग और आपदा प्रबंधन के नोडल अधिकारी सीसीएफ निशांत वर्मा ने बताया कि फायर वाचर की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आग पर नियंत्रण पाया जा सके।

आग के विकराल होने की स्थिति में राजस्व विभाग, पुलिस, होमगार्ड, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पीआरडी जवानों के साथ ही बड़ी संख्या में ग्रामीण का सहयोग लिया जाएगा। अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, चंपावत, नैनीताल, पौड़ी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली जिलों में तमाम स्थानों पर जंगल सुलग रहे हैं। यहां जरूरत पड़ने पर एसडीआरएफ की मदद ली जा रही है।

धू-धू कर जल रहे हैं उत्तरकाशी के जंगल
सीमांत जनपद उत्तरकाशी जिला मुख्यालय के निकट जंगलों में लगी आग थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार की रात को बाड़ागड्डी क्षेत्र के जंगल में आग लगी। सूचना पर अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची तथा सड़क के निकटवर्ती क्षेत्र की आग को बुझाने का प्रयास किया। लेकिन, पहाड़ी की ओर फैली आग पर काबू नहीं पाया जा सका, जिससे जिला मुख्यालय में धुआं ही धुआं फैला हुआ है।

तूफान से गांव के पास पहुंची जंगल में लगी आग
बड़कोट में अपर यमुना वन प्रभाग के जंगल में लगी आग तूफान के कारण और तेजी से फैली। साथ ही डंडाल गांव के निकट खेतों तक पहुंची। आग से पशुओं के लिए एकत्र की गई सूखी घास जलकर राख हुई। डंडालगांव निवासी अतर सिंह रावत ने बताया कि गांव के निकट फैली आग को किसी तरह ग्रामीणों ने बुझाया। इस दौरान गांव में अफरा-तफरी मच गई थी।

(इनपुट- एजेंसी)