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'आपने समुद्र पर दौड़ने वाला F-35 बना के दिया', रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नौसेना से कही खास बात

 Reported By: Manish Prasad Edited By: Subhash Kumar
 Published : Aug 26, 2025 09:35 pm IST,  Updated : Aug 26, 2025 10:59 pm IST

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंंगलवार को दो नए वॉरशिप INS उदयगिरि और INS हिमगिरि को शामिल किए जाने पर नौसेना को बधाई दी है। राजनाथ सिंह ने कहा है कि नौसेना ने समुद्र पर दौड़ने वाला F-35 बना के दिया है।

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राजनाथ सिंह ने दी नौसेना को बधाई। Image Source : X (@RAJNATHSINGH)

भारतीय नौसेना की ताकत में और इजाफा हो गया है। मंगलवार को नौसेना में दो नए वॉरशिप INS उदयगिरि और INS हिमगिरि को शामिल किया गया है। भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम नेवल बेस पर दोनों जंगी जहाजों को नौसेना को सौंपा। आपको बता दें कि ये दोनों ही वॉरशिप स्वदेशी हैं। इन वॉरशिप के इंडक्शन के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक बड़ी ही खास बात कही है। राजनाथ सिंह ने नौसेना को कहा है कि उन्होंने समुद्र पर दौड़ने वाला F-35 बना के दिया है।

क्या बोले राजनाथ सिंह?

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में कहा- "मैं नेवी को एक बात के लिए और बधाई देना चाहता हूं कि आज आपने स्वदेशी F-35 (Udaygiri) वॉरशिप लॉन्च कर दिया है। दुनिया में एक देश के पास हवा में उड़ने वाला F-35 है, आपने समुद्र पर दौड़ने वाला F-35 बना के दिया है, वो भी मेक इन इंडिया। आप सबको मेरी तरफ से बधाई।"

कहां बने हैं दोनों वॉरशिप?

आपको बता दें कि ये पहला मौका है, जब देश के दो अलग-अलग शिपयार्ड में बनाए गए वॉरशिप को एक साथ नेवी में शामिल किया गया है। INS उदयगिरि को मुंबई के मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड ने बनाया है। इस वॉरशिप का नाम आंध्र प्रदेश की उदयगिरि पर्वतमाला के नाम पर रखा गया है। मझगांव डॉक ने ये जहाज केवल 37 महीनों में तैयार किया है। जबकि INS हिमगिरि को कोलकाता के गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स ने बनाया है। 

क्या है इन वॉरशिप्स की खासियत?

नौसेना में शामिल वॉरशिप्स को इस तरह डिजाइन किया गया है कि वो दुश्मन के रडार, इन्फ्रा रेड और साउंड सेंसर्स की पकड़ में नहीं आ सकते। दोनों वॉरशिप्स में जंगी जहाजों में 75 परसेंट स्वदेशी सामान लगा है।  इन जंगी जहाजों को भारत से दूर-दराज के समुद्री क्षेत्रों जैसे कि इंडो पैसिफिक में भी तैनात किया जा सकेगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ये वॉरशिप देश की रक्षा के साथ साथ मानवीय सहायता के मिशन में भी काम आएंगे।

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