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ऑपरेशन सिंदूर को लेकर इस मंदिर में फूलों की बनाई गई रंगोली, RSS के 27 स्वयंसेवकों पर दर्ज हुआ केस, जानिए मामला

 Edited By: Dhyanendra Chauhan
 Published : Sep 06, 2025 09:45 pm IST,  Updated : Sep 06, 2025 09:46 pm IST

आरएसएस के 27 स्वयंसेवकों पर पुलिस ने केस दर्ज किया है। बीजेपी ने इस मामले में आपत्ति जताई है। बीजेपी ने कहा कि अगर केस वापस नहीं लिया गया तो वह कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ- India TV Hindi
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ Image Source : PTI

ओणम उत्सव के दौरान केरल के कोल्लम जिले के एक मंदिर में पुष्पों की रंगोली बनाने के आरोप में आरएसएस के 27 स्वयंसेवकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने कहा कि मंदिर समिति द्वारा इसे केरल हाई कोर्ट के आदेश का उल्लंघन बताए जाने के बाद इस संबंध में एक मामला दर्ज किया गया। हालांकि, बीजेपी ने पुलिस कार्रवाई की निंदा की और दावा किया कि मुथुपिलक्कड़ स्थित पार्थसारथी मंदिर में बनायी गई रंगोली ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के सम्मान में थी। 

कई धाराओं में केस दर्ज

रंगोली मामले में मंदिर समिति के एक पदाधिकारी अशोकन सी. ने शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं 223 (लोक सेवकों द्वारा वैध रूप से जारी आदेशों की अवहेलना), 192 (दंगा भड़काने के इरादे से जानबूझकर उकसावे की कार्रवाई) और 3(5) (कई लोगों द्वारा किया गया आपराधिक कृत्य) के तहत मामला दर्ज किया है। 

होई कोर्ट के आदेश का उल्लंघन

प्राथमिकी के अनुसार, आरोपियों ने मंदिर के मुख्य मार्ग पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के झंडे का चित्रण करने वाली पुष्प रंगोली बनाई थी, जो होई कोर्ट के उस आदेश का उल्लंघन था जिसमें समिति की अनुमति के बिना मंदिर परिसर में ‘फ्लेक्स बोर्ड’ सहित किसी भी प्रकार की सजावट पर प्रतिबंध लगाया गया है। 

पहले भी होती थी झड़पें

मंदिर से 50 मीटर की दूरी पर छत्रपति शिवाजी का एक ‘फ्लेक्स बोर्ड’ भी लगाया गया था। कथित तौर पर इस कृत्य का उद्देश्य प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक समूहों के बीच हिंसा भड़काना था। मंदिर समिति के सदस्य मोहनन ने कहा कि त्योहारों के दौरान मंदिर के पास झंडा लगाने को लेकर पहले भी कई बार झड़पें होती रही हैं। 

2023 में लगा प्रतिबंध

उन्होंने कहा, ‘ऐसे टकरावों से बचने के लिए, हमने हाई कोर्ट का रुख किया था, जिसने 2023 में मंदिर परिसर के पास झंडे सहित किसी भी सजावटी सामान पर प्रतिबंध लगा दिया।’ उन्होंने कहा कि इसके बावजूद, आरएसएस स्वयंसेवकों ने मंदिर समिति के फूलों के डिजाइन के ठीक बगल में अपने झंडे के साथ फूलों की रंगोली बनाई और फूलों से 'ऑपरेशन सिंदूर' लिखा। 

ऑपरेशन सिंदूर का पूरा सम्मान

पदाधिकारी ने कहा, ‘चूंकि इससे हाई कोर्ट के आदेश का उल्लंघन हुआ और इससे झड़पें हो सकती थीं, इसलिए हमने शिकायत दर्ज कराई। हम ऑपरेशन सिंदूर का पूरा सम्मान करते हैं, लेकिन यह वैसा नहीं है जैसा आरोपी इसे चित्रित कर रहे हैं।’ 

कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी BJP

भाजपा ने एक बयान में पुलिस पर निशाना साधते हुए मामले को ‘चौंकाने वाला’ बताया। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने सवाल किया कि क्या केरल में जमात-ए-इस्लामी या पाकिस्तान का शासन है। उन्होंने कहा कि अगर प्राथमिकी तुरंत वापस नहीं ली गई तो पार्टी अदालत का दरवाजा खटखटाएगी। 

ये कार्रवाई सैनिक का अपमान

उन्होंने कहा, ‘देश में पहली बार फूलों की रंगोली बनाने को लेकर मामला दर्ज किया गया है। ओणम मलयाली लोगों का त्योहार है। 'ऑपरेशन सिंदूर' लिखने पर कानूनी कार्रवाई करके सरकार क्या हासिल करना चाहती है?’ चंद्रशेखर के अनुसार, 'ऑपरेशन सिंदूर' सशस्त्र बलों की ताकत और वीरता का प्रतीक है और कानूनी कार्रवाई के माध्यम से इसे निशाना बनाना राष्ट्र की रक्षा करने वाले प्रत्येक सैनिक का ‘अपमान’ है। (भाषा के इनपुट के साथ)

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