अब 'सेवा तीर्थ' से चलेगी सरकार, PM मोदी आज करेंगे उद्घाटन, सुरक्षा और तकनीक जानकर दंग रह जाएंगे
अब 'सेवा तीर्थ' से चलेगी सरकार, PM मोदी आज करेंगे उद्घाटन, सुरक्षा और तकनीक जानकर दंग रह जाएंगे
Edited By: Khushbu Rawal@khushburawal2
Published : Feb 13, 2026 06:50 am IST,
Updated : Feb 13, 2026 06:56 am IST
आजादी के बाद पहली बार PMO अपने ऐतिहासिक ठिकाने साउथ ब्लॉक से हटकर नई जगह शिफ्ट हो रहा है। पीएम मोदी आज सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत बने सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन-1 और 2 का उद्घाटन करेंगे।
Image Source : X- @DRJITENDRASINGH
सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन का आज उद्घाटन।
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की नई इमारत सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन 1-2 का उद्घाटन करेंगे। पीएम मोदी आज दोपहर 1:30 बजे नए सेवा तीर्थ, कर्तव्य भवन-1 और कर्तव्य भवन-2 का उद्घाटन करेंगे। सेवा तीर्थ में पीएम ऑफिस होगा जबकि कर्तव्य भवन-1 और कर्तव्य भवन-2 में कई प्रमुख मंत्रालय होंगे। वह शाम 6 बजे सेवा तीर्थ में एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे।
क्या है सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन की खासियत?
सेवा तीर्थ करीब 2.26 लाख वर्ग फुट में फैला हुआ है। इसके निर्माण पर 1,189 करोड़ रुपये की लागत आई है। इसके परिसर में 3 मुख्य इमारतें हैं- सेवा तीर्थ-1, सेवा तीर्थ-2 और सेवा तीर्थ-3। सेवा तीर्थ में प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय हैं, जो पहले अलग-अलग स्थानों पर स्थित थे।
सेवा तीर्थ-2 में कैबिनेट सचिवालय का नया मुख्यालय है। सेवा तीर्थ-3 में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) के कार्यालय होंगे।
सेवा तीर्थ को ओपन फ्लोर जैसा बनाया गया है। इसका मकसद औपचारिकताओं को कम करना, अधिकारियों के बीच तालमेल बढ़ाना और आपसी पारदर्शिता की भावना को विकसित करना है।
सेवा तीर्थ को एन्क्रिप्टेड संचार प्रणालियों, उन्नत साइबर सुरक्षा नेटवर्क और एकीकृत सुरक्षा वास्तुकला के लैस किया गया है। यह इमारत भूकंप प्रतिरोधी है।
कर्तव्य भवन 1 और 2 में कानून, रक्षा, वित्त, स्वास्थ्य, कृषि और कई अन्य महत्वपूर्ण मंत्रालयों के कार्यालय स्थित हैं। दोनों भवन परिसरों में डिजिटल रूप से एकीकृत कार्यालय, संरचित सार्वजनिक संपर्क क्षेत्र और केंद्रीकृत स्वागत सुविधाएं हैं।
4-स्टार GRIHA (ग्रीन रेटिंग फॉर इंटीग्रेटेड हैबिटैट असेसमेंट) मानकों के अनुरूप डिजाइन किए गए इन परिसरों में नवीकरणीय ऊर्जा प्रणालियां, जल संरक्षण उपाय, अपशिष्ट प्रबंधन समाधान और उच्च-प्रदर्शन वाली भवन संरचनाएं शामिल हैं।
इन भवन परिसरों में व्यापक सुरक्षा व्यवस्थाएं की गई हैं जैसे कि स्मार्ट एक्सेस कंट्रोल, निगरानी नेटवर्क और उन्नत आपातकालीन प्रतिक्रिया अवसंरचना, जिससे अधिकारियों और आगंतुकों के लिए सुरक्षित एवं सुगम वातावरण सुनिश्चित होता है।
परिवर्तनकारी मील का पत्थर
PMO द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि यह उद्घाटन भारत की प्रशासनिक शासन संरचना में मील का पत्थर है और यह आधुनिक, कुशल, सुलभ एवं जन-केंद्रित शासन प्रणाली के निर्माण के प्रति प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इसमें कहा गया है कि दशकों तक, कई प्रमुख सरकारी कार्यालय और मंत्रालय सेंट्रल विस्टा क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर बने और पुराने बुनियादी ढांचे से संचालित होते रहे हैं। कार्यालयों के एक साथ नहीं होने के कारण परिचालन में अक्षमताएं, समन्वय संबंधी चुनौतियां, रखरखाव लागत में वृद्धि और कार्य के उचित वातावरण की समस्या पैदा हुई।
इसमें कहा गया है कि नए भवन परिसर आधुनिक एवं भविष्य के लिए तैयार सुविधाओं के भीतर प्रशासनिक कार्यों को समेकित करके इन समस्याओं का समाधान करते हैं।