Friday, February 13, 2026
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पहली बार सामने आया प्रचंड हेलीकॉप्टर, जानें क्या है इसकी खासियत, भारत-चीन सीमा के लिए क्यों अहम?

Reported By : Manish Prasad Edited By : Shakti Singh Published : Aug 14, 2025 09:14 am IST, Updated : Aug 14, 2025 09:14 am IST

प्रचंड हेलीकॉप्टर छह जवानों को के साथ ले जाने में सक्षम है। इसे ऊंचाई वाले इलाकों में आसानी से लैंड कराया जा सकता है और आसानी से यह टेक ऑफ भी कर सकता है। भारतीय सेना में कुल 156 प्रचंड हेलीकॉप्टर शामिल होंगे।

भारतीय सेना में जल्द ही 156 प्रचंड हेलीकॉप्टर शामिल होने वाले हैं। अत्यधिक ऊंचाई वाले इलाकों के लिए खासतौर पर बनाए गए इस हेलीकॉप्टर की पहली झलक भी सामने आ गई है। प्रचंड दुनिया का एकमात्र अटैक हेलीकॉप्टर है, जो 16,400 फीट (5,000 मीटर) की ऊंचाई पर भी उड़ सकता है। प्रचंड को मुख्य रूप से सियाचिन, लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश के ऊंचे इलाकों में तैनाती के लिए डिजाइन किया गया है। एचएडीआर ऑपरेशन और ट्रूप मूवमेंट में यह बेहद कारगर है।

इस समय भारतीय सेना और वायुसेना में चेतक और चीता हेलीकॉप्टर्स हैं, जो बहुत पुराने हो चुके हैं और उनकी जगह लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर सेना के बेड़े में शामिल किए जा रहे हैं। इनकी टेस्टिंग हाइ अल्टिट्यूट पर करीबन 20,000 फीट से लेकर अलग-अलग इलाकों में हो चुकी है। प्रचंड हेलीकॉप्टर लगभग 6 जवानों एक साथ ले जा सकता है। ये जवान अपने साथ 20 किलो तक का बैटर लोड भी ले जा सकते हैं।

ऊंचाई पर टेक ऑफ-लैंड करने में सक्षम

इसमें टेक्नोलॉजी के साथ आधुरिक उपकरण और पैरामीटर्स लगाए गए हैं। कैमरा और सेंसर के साथ इसे ऊंचाई वाले इलाकों में लैंडिंग और टेकऑफ के लिए बनाया गया है। यह हेलीकॉप्टर सियाचिन के फॉरवर्ड एरिया (सोनम फॉरवर्ड पोस्ट) पर भी टेक औफ और लैंड कर सकता है। यह करीबन 20,000 फीट की हाइट पर आसानी से टेक औफ और लैंड कर सकता है। इसकी टेस्टिंग सियाचिन के ग्लेशियर और अलग-अलग जगहों पर की गई है।

कम होंगे हादसे

चेतक और चीता हेलीकॉप्टर पुराने हो जाने के कारण कई हादसे हुए हैं और चुनौतियां देखने को मिली हैं, इसलिए यह लाइट यूटिलिटी हेलिकॉप्टर तैयार किया गया है। इसे जल्द ही भारतीय सेना और वायु सेना में शामिल किया जाएगा। लाइट कॉंबैट हेलीकॉप्टर प्रचंड ने हाई एल्डिक्यूड में इसने अपनी कैपिसिटी और कैपिबिलिटी दोनों साबित की हैं। प्रचंड एलओसी की फॉरवर्ड लोकेशन पर पहुंचा और भारत-चीन सीमा पर इसे तैनात किया गया। भारतीय सेना के पास कुल 15 प्रचंड हेलीकॉप्टर हैं। आने वाले दिनों में लगभग 156 प्रचंड हेलीकॉप्टर सेना में शामिल होंगे। इसके वेपन सिस्टम सेंसर्स 360 डिग्री निगरानी में सक्षम हैं। इसमें 20 एमएम की गन लगी है। यह दुश्मन के आगे पूरी लेयर तैयार कर देता है, जो एयर डिफेंस का काम करती है।

ऊंचाई वाले इलाकों में कारगर

प्रडंड हेलीकॉप्टर सेंसर्स और कैमरा के जरिए आसपास के सभी एरिया मॉनिटर करता है। इसमें लगाई गई मिसाइल भी बेहद घातक है। यह अपने साथ रॉकेट मिसाइल कैरी कर सकता है। इसे इस तरीके से डिजाइन किया गया है कि हाई एल्टिक्यूट एरिया में यानि हाई अल्टिक्यूट वॉरफेयर में यह काफी कारगर साबित होगा। करीबन 20,000 फीट पर इसकी टेक ऑफ और लैंडिंग पहले ही हो चुकी है। इसमें साके आधुनिक गैजेट लगाए गए हैं। अगर मिसाइल लॉंच करनी है तो कैमरे के अंदर लगे सेंसर से यह सीधा लॉंच कर सकता है।

प्रचंड हेलीकॉप्टर की खास बातें

  • यह हेलीकॉप्टर ऊंचाई वाले इलाकों के लिए आदर्श है। यह हवा से जमीन और हवा से हवा में हमला करने में सक्षम है, मिसाइलों से लैस है और दुश्मन की हवाई सुरक्षा को नष्ट कर सकता है।
  • प्रचंड कई तरह की एयर-टू-ग्राउंड और एयर-टू-एयर मिसाइल दागने में सक्षम है और दुश्मन की एयर डिफेंस प्रणाली को नष्ट कर सकता है।
  • सेना में प्रचंड हेलिकॉप्टरों के शामिल होने से भारतीय वायुसेना के हमले वाले हेलिकॉप्टर बेड़े में विविधता आएगी।
  • इस हेलीकॉप्टर का निर्माण मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत पहल के तहत किया गया है।

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