1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. Rajat Sharma's Blog | अडानी बहाना, मोदी निशाना: संयोग या प्रयोग?

Rajat Sharma's Blog | अडानी बहाना, मोदी निशाना: संयोग या प्रयोग?

 Published : Nov 22, 2024 02:30 pm IST,  Updated : Nov 22, 2024 02:30 pm IST

पिछली बार जब हिंडनबर्ग की रिपोर्ट आई थी, उस वक्त भी अडानी 20 हजार करोड़ का FPO लाने वाले थे। उस वक्त भी उन्हें शेयर मार्केट में नुकसान हुआ था। तो क्या ये महज संयोग है?

Rajat Sharma Blog, Rajat Sharma Blog Latest, Rajat Sharma- India TV Hindi
इंडिया टीवी के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा। Image Source : INDIA TV

एक बार फिर गौतम अडानी राजनीति का मुद्दा बन गए। राहुल गांधी ने एक बार फिर गौतम अडानी का नाम लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर हमला किया। राहुल गांधी ने इस बार बहाना बनाया अमेरिका के कोर्ट में गौतम अडानी पर लगे इल्जाम का। अमेरिका की एक कोर्ट में FBI ने आरोप लगाया है कि गौतम अडानी ने भारत में  सौर बिजली के वितरण का ठेका दिलवाने के लिए एक अमेरिकन कंपनी से की राज्य सरकारों के अफसरों को रिश्वत दिलवाने की कोशिश की। छत्तीसगढ़, आन्ध्र प्रदेश, तमिलनाडु और ओड़िशा के अफसरों को दो हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की रिश्वत ऑफर करवाई।

FBI का कहना है कि गौतम अडानी ने अमेरिका में बॉन्ड्स के जरिए लोगों से पूंजी ली, लेकिन रिश्वत की बात निवेशकों से छुपाई। फेडरल कोर्ट ने इसे निवेशकों के साथ धोखा मानकर इसकी जांच का आदेश दिया। इस आधार पर गौतम अडानी, उनके भतीजे सागर अडानी और कंपनी के डायरेक्टर विनीत जैन समेत सात लोगों पर आपराधिक मुकदमा चलाया जाएगा। अमेरिका में देर रात ये हुआ और सुबह सूरज निकलने से पहले विपक्ष के नेता सक्रिय हो गए। राहुल गांधी ने राशन पानी लेकर नरेन्द्र मोदी पर हमला बोल दिया। इसके बाद अखिलेश यादव, संजय राउत, फारुक़ अब्दुल्ला समेत तमाम नेताओं ने मोदी सरकार पर हमला बोला।

राहुल गांधी ने कहा कि वो लिखकर दे सकते हैं कि गौतम अडानी गिरफ्तार नहीं होंगे क्योंकि अडानी बीजेपी की फंडिग का स्रोत हैं, नरेन्द्र मोदी अडानी के कब्जे में हैं। न्यूयॉर्क की फेडरल कोर्ट में FBI ने ये आरोप लगाया है कि 2020 से 2024 के बीच गौतम अडानी और उनकी कंपनी के अधिकारियों ने सोलर एनर्जी का प्लांट लगाने और प्लांट में बनी बिजली को बेचने के ठेकों के लिए सरकारी अफसरों को 2029 करोड़ रुपये की रिश्वत की पेशकश की। FBI का कहना है कि गौतम अडानी ने अमेरिकी निवेशकों से करीब पौने दो हजार करोड़ रुपये इन्वेस्ट कराए , लेकिन इस रिश्वत की जानकारी निवेशकों को नहीं दी। इसलिए ये धोखाधड़ी का मामला बनता है।

FBI ने अदालत में दावा किया कि अडानी ने जो ठेका हासिल करने के लिए भारतीय अधिकारियों को घूस ऑफर की, उस कॉन्ट्रैक्ट से अडानी ग्रुप को अगले 20 साल में करीब 17 हजार करोड़ रुपये का मुनाफ़ा होने वाला था। इसके बाद अमेरिका  के सिक्योरिटीज़ ऐंड एक्सचेंज कमीशन ने भी गौतम अडानी, उनके भतीजे सागर अडानी के अलावा सीरिल कैबनीज़ के ख़िलाफ़ सिविल सूट दाख़िल किया। अमेरिका में अडानी के खिलाफ इल्जाम लगे। पहला असर शेयर बाज़ार पर हुआ। अडानी ग्रुप के शेयर्स में 10 से 20 परसेंट तक की गिरावट आई, जिसके कारण निवेशकों के करीब ढाई लाख करोड़ रुपये डूब गए।

दूसरा असर ये हुआ कि अडानी ग्रीन कंपनी ने अमेरिका में शेयर मार्केट से पैसे जुटाने के लिए 60 करोड़ डॉलर का जो बॉन्ड जारी किया था, उसको वापस ले लिया गया। अडानी ग्रुप ने अपने बयान में ग्रुप पर लगाए गए सारे इल्ज़ामात को ग़लत और बेबुनियाद बताया। बयान में कहा गया कि अडानी ग्रुप क़ानून का पालन करता है, जो आरोप लगाए गए हैं, उनका जवाब कानूनन  दिया जाएगा।

अडानी के मामले के दो पहलू हैं। एक राजनीतिक, दूसरा वित्तीय। राहुल गांधी पिछले 10 साल से गौतम अडानी को नरेन्द्र मोदी पर हमला करने का हथियार बनाए हुए हैं। अडानी बहाना, मोदी निशाना, लेकिन राहुल इसमें ज्यादा कामयाब नहीं हो पाए। आज भी जिन राज्यों में अफसरों को रिश्वत देने का इल्जाम लगा, उनमें कहीं बीजेपी की सरकार नहीं है। इसमें कोई मोदी कनेक्शन नहीं मिला। इसीलिए मोदी की इमेज पर तो चोट नहीं पहुंची लेकिन शेयर मार्केट में अडानी के शेयरों में पैसे लगाने वालों को भारी नुकसान हुआ।

ये भी एक पैटर्न है। केस उस वक्त आया जब अमेरिका में अडानी की कंपनी का 600 मिलियन डॉलर का बॉन्ड मार्केट में था। इस खबर के बाद अडानी को बॉन्ड वापस लेना पड़ा। मार्केट में अडानी के शेयर बहुत बुरी तरह गिरे। पिछली बार जब हिंडनबर्ग की रिपोर्ट आई थी, उस वक्त भी अडानी 20 हजार करोड़ का FPO लाने वाले थे। उस वक्त भी उन्हें शेयर मार्केट में नुकसान हुआ था। तो क्या ये महज संयोग है? पिछली बार जब हिंडनबर्ग की रिपोर्ट आई थी। उस वक्त संसद का सत्र  शुरू होने वाला था और पूरा सत्र हिंडनबर्ग की रिपोर्ट पर हंगामे की भेंट चढ़ गया।

इस बार भी जब अमेरिका से अडानी के खिलाफ चार्जशीट की खबर आई तो तीन दिन बाद संसद का शीतकालीन सत्र  शुरू होने वाला है और आज राहुल गांधी ने ऐलान कर दिया कि विपक्ष अडानी के मुद्दे पर सरकार को घेरेगी, यानी फिर संसद में हंगामा होगा। क्या ये भी एक संयोग है?  या सोचा समझा प्रयोग है? (रजत शर्मा)

देखें: ‘आज की बात, रजत शर्मा के साथ’ 21 नवंबर, 2024 का पूरा एपिसोड

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत