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Rajat Sharma's Blog | NEET: जब पेपर बनाने वाला ही लीक करे........

 Published : May 16, 2026 02:38 pm IST,  Updated : May 16, 2026 02:38 pm IST

NEET पेपर लीक के मास्टरमाइंड को CBI ने गिरफ्तार किया है। वह रिटायर्ड केमिस्टी लेक्चरार है और उसकी पहचान पी. वी. कुलकर्णी के रूप में हुई है।

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इंडिया टीवी के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा। Image Source : INDIA TV

NEET पेपर लीक का मास्टरमाइंड लातूर का एक रिटायर्ड केमिस्टी लेक्चरार पी. वी. कुलकर्णी निकला, जिसे CBI  ने गिरफ्तार किया है। वह NTA के उस पैनल में था जिसने प्रश्नपत्र तैयार किया था। CBI ने लगभग सारी कड़ियां जोड़ ली हैं। ये कड़ियां लातूर,पुणे,नासिक होते हुए गुरुग्राम,जयपुर और देश के कई अन्य शहरों से जुड़ी पाई गईं।

जिसने NEET का पेपर लीक किया, उसने महापाप किया। उसने 22 लाख बच्चों को रुलाया। उनकी दिन-रात की मेहनत पर पानी फेर दिया। मोटी रकम की लालच में उसने लाखों परिवारों का चैन छीन लिया। इस पाप की सजा सिर्फ गिरफ्तार करके,सिर्फ केस चलाकर,सिर्फ जेल  भेजकर नहीं दी जा सकती। ये मानवता के प्रति बड़ा अपराध है।

चाहे कानून बदलना पड़े, चाहे कोर्ट को आउट ऑफ द वे जाना पड़े, पेपर लीक माफिया को ऐसी सजा मिलनी चाहिए कि फिर कोई ऐसा अपराध करने की हिम्मत न करे। ये बात भी  ठीक है कि जब पेपर बनाने वाला ही पेपर लीक कर दे तो कोई एजेंसी क्या कर सकती है? परीक्षा ऑफलाइन हो या ऑनलाइन हो, ऐसी चोरी को कौन रोक सकता है?

लेकिन सवाल ये भी है कि परीक्षा कराने वाली NTA को इस पेपर लीक के बारे में पता ही नहीं था। अगर कुछ छात्र इसे एक्सपोज़ न करते तो ये मामला कभी सामने ही नहीं आता और ये सिस्टम ऐसे ही चलता रहता। 

सरकार ने ये माना कि सिस्टम में भारी कमी है। ये भी कहा कि अब अगले साल से परीक्षा को कंप्यूटराइज तरीके से आयोजित किया जाएगा, लेकिन जिन 22 लाख छात्रों को NEET इम्तिहान दोबारा देना पड़ रहा है, वो ये पूछ सकते हैं कि ये काम पहले क्यों नहीं किया गया?

भोजशाला: SC करेगा आखिरी फैसला 

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बैंच ने धार के विवादित भोजशाला धार्मिक स्थल को हिंदू वाग्देवी मंदिर और संस्कृत शाला घोषित कर दिया है और मुस्लिम समुदाय से कहा है कि वह दूसरे स्थान पर मस्जिद बनाने के लिए आवेदन कर सकता है।  मुस्लिम समुदाय के नेता कह रहे हैं कि अब देश में बहुत सी मस्जिदों को लेकर नये विवाद पैदा हो जाएंगे। ये बात सही है कि हर मस्जिद के नीचे मंदिर खोजना ठीक नहीं है, लेकिन जब कोर्ट फैसला कर ले तो सबको मानना चाहिए।

इस मामले में कोर्ट ने कह दिया कि भोजशाला मस्जिद नहीं मंदिर है लेकिन ये विवाद अभी खत्म नहीं होगा। मुस्लिम नेता कोर्ट के आदेश को मानने के लिए तैयार नहीं होंगे। दिल्ली में जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने बाबरी मस्जिद पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश की आलोचना की।

शुक्रवार को जो मीटिंग बुलाई उसमें सबरीमला के बारे में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भी सवाल उठे। मुस्लिम पक्ष भोजशाला के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगा लेकिन हिंदुओं को हाईकोर्ट के फैसले पर अतिउत्साह दिखाने से बचना चाहिए। न तो कुछ ऐसा कहना चाहिए, न कुछ ऐसा करना चाहिए जिससे मुस्लिम समाज की भावनाएं आहत हो। अंतिम फैसला सुप्रीम कोर्ट पर छोड़ देना चाहिए।

बंगाल में माफिया पर गाज़

कोलकाता में एक लम्बे अर्से बाद पहली बार पुलिस ने राजाबाजार में मुसलमानों को सड़क पर बैठ कर जुम्मे की नमाज अदा करने से रोक दिया। इसी तरह, नैहाटी रेलवे स्टेशन के पास तृणमूल कांग्रेस ने सरकारी जमीन पर जो दफ्तर बनाया था, उसे बुलडोज़र से ढहा दिया गया।

आर. जी. कर मेडिकल कालेज रेप और हत्या मामले में कोलकाता के पूर्व पुलिस कमिश्नर और दो सीनियर अफसरों के खिलाफ कार्रवाई शुरु कर दी गई। बंगाल में जो एक्शन हो रहे हैं, उनमें एक पैटर्न है। मेडिकल कॉलेज रेप मामले में पुलिस अफसरों ने लापरवाही बरती थी। कोलकाता की प्रेसीडेंसी जेल में अपराधी बेधड़क फोन का इस्तेमाल करते थे। तृणमूल कांग्रेस के  लोगों ने  सरकारी जमीनों पर कब्जा किया हुआ था।

सड़क पर नमाज पढ़ने पर कोई रोकटोक नहीं थी। ये सब करने वालों को बंगाल की ममता सरकार से प्रोटेक्शन मिलता था। इसलिए अब जो एक्शन हो रहा है, उसका मैसेज साफ है। नई सरकार किसी माफिया को, किसी अपराधी को प्रोटेक्शन नहीं देगी और न ही किसी पुलिस अधिकारी की लापरवाही को बर्दाश्त किया जाएगा।

ट्रंप खाली हाथ लौटे

चीन दौरे के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप खाली हाथ अपने देश लौट गए। चीन दौरे के आख़िरी दिन दोनों देशों के बीच किसी बड़ी डील का ऐलान नहीं हुआ। ये तो बात बिल्कुल साफ है कि ट्रंप, ईरान के मसले पर शी जिनपिंग का समर्थन लेने चीन गए थे।

चीन और ईरान के संबंध गहरे हैं। चीन अपना 90 प्रतिशत तेल ईरान से खरीदता है। पश्चिमी मीडिया का कहना है कि चीन ने ईरान को भारी मात्रा में हथियार दिए हैं क्योंकि चीन अमेरिका के साथ अपना हिसाब बराबर करना चाहता है। इसलिए शी जिनपिंग ने ट्रंप को कोई खास आश्वासन नहीं दिया बल्कि उन्होंने तो अमेरिका को कमजोर बता दिया।

इन सारी बातों का डर ये है कि ईरान के मामले का कोई हल जल्द नहीं निकलेगा, युद्धविराम अब ज्यादा समय तक नहीं चलेगा। अगर इस बार जंग फिर शुरु हुई तो पहले से परेशान दुनिया को भारी  नुकसान उठाना पड़ेगा। (रजत शर्मा)

देखें: ‘आज की बात, रजत शर्मा के साथ’ 15 मई, 2026 का पूरा एपिसोड

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