भारत में गणतंत्र दिवस की तैयारियां जोर-शोर से जारी हैं। सभी लोग 26 जनवरी की तारीख का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ पर परेड का भी आयोजन किया जाएगा जहां भारत अपनी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन करेगा। इस परेड में भारतीय सशस्त्र बलों के अत्याधुनिक हथियार भी प्रदर्शित किए जाएंगे। अब जानकारी सामने आई है कि भारत की परे में स्वदेशी लॉन्ग रेंज एंटी शिप मिसाइल (LR-ASHM) की मौजूदगी भी होगी। इस मिसाइल की मौजूदगी भारत की स्वदेशी समुद्री स्ट्राइक क्षमता को दर्शाने वाला एक महत्वपूर्ण संकेत है।
क्या है मिसाइल की खूबियां?
LR-ASHM मिसाइल को भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन यानी DRDO द्वारा विकसित किया गया है। ये मिसाइल एक अत्याधुनिक प्रणाली है, जिसे विशेष रूप से दुश्मन के युद्धपोतों को लंबी दूरी से सटीकता के साथ नष्ट करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। DRDO की LR-ASHM मिसाइल की रेंज 1,000 किलोमीटर से अधिक है। ये मिसाइल भारतीय नौसेना को दूर से ही प्रभावी स्टैंड-ऑफ एंटी-शिप स्ट्राइक क्षमता प्रदान करती है।
समुद्री युद्ध क्षमता के लिए गेम चेंजर- DRDO प्रमुख
DRDO के प्रमुख डॉ समीर वी कामत ने LR-ASHM को भारत की समुद्री युद्ध क्षमता के लिए एक “गेम-चेंजर” कहा है। उन्होंने कहा है कि कि यह प्रणाली भारतीय सशस्त्र बलों की लंबी दूरी की प्रिसिजन स्ट्राइक और डिटरेंस क्षमता को नई मजबूती प्रदान करती है, साथ ही आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को भी सशक्त करती है। बता दें कि LR-ASHM भारतीय नौसेना की Sea Control और Sea Denial रणनीति को मजबूत करती है और हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में भारत की समुद्री शक्ति, डिटरेंस और रणनीतिक बढ़त को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।
LR-ASHM मिसाइल की प्रमुख बातें
- भूमिका: लंबी दूरी से एंटी-शिप स्ट्राइक
- क्षमता: समुद्र में चल रहे बड़े युद्धपोतों को उच्च सटीकता से भेदने में सक्षम
- मार्गदर्शन प्रणाली: उन्नत नेविगेशन और टर्मिनल गाइडेंस, जिससे कठिन समुद्री परिस्थितियों में भी प्रभावी लक्ष्यभेदन संभव
- फ्लाइट प्रोफाइल: Sea-skimming क्षमता, जिससे दुश्मन के रडार से बचते हुए लक्ष्य तक पहुँचना संभव
- प्लेटफॉर्म इंटीग्रेशन: नौसेना के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स से लॉन्च की क्षमता, जिससे ऑपरेशनल लचीलापन बढ़ता है
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