तमिलनाडु सरकार ने राज्य की महिला पुलिसकर्मियों को एक साल की मैटरनिटी लीव देने का फैसला किया है। इसके साथ ही यह भी तय किया गया है कि मां बनने के बाद महिला पुलिसकर्मी की ड्यूटी अगले तीन साल तक वहीं लगाई जाएगी, जहां वो अपने बच्चे की देखभाल करते हुए काम करने में सक्षम होंगी। मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने शुक्रवार को कहा कि राज्य पुलिस बल में महिला पुलिसकर्मियों को एक साल का मातृत्व अवकाश मिलेगा और काम पर लौटने पर उन्हें अपने बच्चों के पालन-पोषण के लिए तीन साल की अवधि के लिए अपनी पसंद के स्थान पर तैनात किया जाएगा।
गौरतलब है कि 2021 में सत्ता पर कब्जा करने के बाद डीएमके सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए मातृत्व अवकाश की अवधि नौ महीने से बढ़ाकर एक साल कर दी थी।
राजरथिनम स्टेडियम में मेधावी पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को राष्ट्रपति पदक, केंद्रीय गृह मंत्री पदक और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पदक वितरित करने के बाद मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा, "महिला पुलिस को एक साल का मातृत्व अवकाश दिया जाएगा और काम पर लौटने के बाद उन्हें अपने बच्चों की देखभाल के लिए तीन साल के लिए अपने पति या माता-पिता के स्थान पर तैनात किया जाएगा।" उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग में कर्मियों के अनुरोध पर यह कदम उठाया जा रहा है।
सीएम स्टालिन ने कहा "महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों से निपटने और साइबर अपराधों को प्रभावी ढंग से संभालने के लिए महिला पुलिस के पेशेवर कौशल को बढ़ाया जाएगा, ताकि वे प्रभावी ढंग से साइबर अपराधों को संभाल सकें।" उन्होंने कहा "आपका कर्तव्य और जिम्मेदारी बहुत बड़ी है। लोगों की रक्षा करना आपका कर्तव्य है। अपने कर्तव्यों का समर्पण के साथ निर्वहन करें और न केवल अपराधों को कम करने के लिए बल्कि अपराधों को रोकने के लिए भी काम करें।"
स्टालिन ने कहा कि तमिलनाडु को नशे और अपराध से मुक्त राज्य बनाया जाना चाहिए। उन्होंने सलाह दी कि "अगर कोई उल्लंघन होता है तो अपराधियों को गिरफ्तार करें।" उन्हें यह जानकर खुशी हुई कि राज्य औद्योगिक विकास सहित विभिन्न क्षेत्रों में अग्रणी है, क्योंकि यहां कानून और व्यवस्था अच्छी तरह से बनाए रखी जा रही है। (इनपुट- पीटीआई)
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