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उत्तराखंड में भ्रष्टाचार की शिकायत पर तुरंत होगी कार्रवाई, सीएम धामी ने लॉन्च किया फोन नंबर

उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार पर काबू पाने के लिए राज्य सरकार एक फोन नंबर लॉन्च किया है। यह नंबर 1064 है। इसे हम प्रभावी तौर पर काम में लेंगे। 

Niraj Kumar	Written by: Niraj Kumar @nirajkavikumar1
Published on: April 19, 2022 13:02 IST
Pushkar singh Dhami, CM, Uttarakhand- India TV Hindi
Image Source : PTI Pushkar singh Dhami, CM, Uttarakhand

Uttarakhand : उत्तराखंड में पुष्कर सिंह धामी की सरकार ने भ्रष्टाचार पर काबू पाने की कवायद के तहत एक हेल्पलाइन नंबर 1064 जारी किया है। इस नंबर पर भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायत की जा सकती है। इसका ऐलान खुद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार पर काबू पाने के लिए राज्य सरकार एक फोन नंबर लॉन्च किया है। यह नंबर 1064 है। इसे हम प्रभावी तौर पर काम में लेंगे। उन्होंने कहा कि सभी विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी प्रकार की भ्रष्टाचार की शिकायत हो तो उस पर तुरंत कार्रवाई की जाए। 

इससे पहले उत्तराखंड सरकार ने समान नागरिक संहिता का मसौदा तैयार करने के लिए समिति के गठन को मंजूरी दे दी है। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने इसे समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में पहला कदम बताया है। हाल में भारतीय पेट्रोलियम संस्थान के 63 वें स्थापना दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए धामी ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 44 में सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता का प्रावधान है और उच्चतम न्यायालय ने भी समय—समय पर अपने आदेशों में इसे लागू किए जाने को कहा है। 

उन्होंने कहा-  ‘‘चुनाव से पहले किए गये अपने वादे को पूरा करते हुए हमने मंत्रिमंडल की पहली ही बैठक में समान नागरिक संहिता का मसौदा तैयार करने के लिए समिति के गठन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।’’ उन्होंने कहा कि विधि विशेषज्ञों और अन्य हितधारकों वाली यह समिति संहिता का मसौदा तैयार करने से पहले सभी के विचारों को जानेगी और सभी वर्गों से समन्वय करेगी । 

धामी ने कहा कि दो देशों से अंतरराष्ट्रीय सीमाएं लगी होने तथा उत्तराखंड के हर परिवार से किसी न किसी के फौज में होने के कारण प्रदेश के लिए समान नागरिक संहिता बहुत जरूरी है । उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 में उत्तराखंड के 25 वर्ष के होने तक उसे देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करवाने के लिए प्रदेश के हर संस्थान को अपनी भूमिका निभानी होगी। उन्होंने भारतीय पेट्रोलियम संस्थान को 10 सीमांत गांवों को गोद लेने तथा उनके विकास में योगदान का सुझाव भी दिया । कोविड संकट के समय 'शानदार' कार्य करने के लिए उन्होंने संस्थान की प्रशंसा करते हुए कहा कि उसने देश भर में 100 से ज्यादा ऑक्सीजन संयंत्र स्थापित किए। 

इनपुट-भाषा

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