Year Ender 2025: साल 2025 में दुनिया में कई खौफनाक विमान हादसे हुए, जिसमें सैकड़ों लोगों की मौत हुई। हर विमान हादसे की वजहें भी अलग-अलग थीं। ये हादसे कहीं तकनीकी खामी की वजह से, कहीं मानवीय त्रुटि, मौसम की खराबी व अन्य वजहों से हुए। कुल मिलाकर इस साल करीब दर्जन भर बड़े विमान हादसे हुए। इसलिए 2025 को विमान हादसों के साल के रूप में याद किया जाएगा। आइये आपको बताते हैं कि 2025 में कौन-कौन से बड़े विमान हादसे हुए। इस साल का सबसे बड़ा विमान हादसा कौन सा है और धरती पर अब तक का सबसे बड़ा प्लेन क्रैश कौन था और कब हुआ था?
2025 में हुए दुनिया के प्रमुख विमान हादसे
इस साल दुनिया भर में कई बड़े विमान हादसे हुए, जिनमें सैकड़ों लोग अपनी जान गंवा बैठे। एशिया, अमेरिका,अफ्रीका और यूरोप समेत विभिन्न महाद्वीपों में कई भयानक विमान हादसे हुए, जिनमें बड़े पैमाने पर मौतें हुईं। राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा बोर्ड (एनटीएसबी) और एविएशन सेफ्टी नेटवर्क की रिपोर्ट्स के अनुसार 2025 में अकेले अमेरिका में ही कम से कम 623 एविएशन एक्सिडेंट्स दर्ज हुए, जिनमें से 60 से ज्यादा घातक थे। वहीं वैश्विक स्तर पर, कमर्शियल और प्राइवेट प्लेन क्रैश की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी गई, जो पिछले सालों की तुलना में चिंताजनक है।
इस साल की शुरुआत ही विमान हादसों से भरी रही। पहला विमान हादसा जनवरी 28 को दक्षिण कोरिया में हुआ। एयर बुसान फ्लाइट 391 का एयरबस A321-200 विमान गिम्हे इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर टेकऑफ से पहले आग की चपेट में आ गया। यह फ्लाइट हांगकांग जा रही थी। गनीमत यह रही कि आग लगने के बावजूद विमान में सवार सभी 176 यात्री और क्रू मेंबर्स की जान बच गई। इस हादसे में 27 हवाई यात्री घायल हो गए। इसके अगले ही दिन 29 जनवरी को दो और बड़े विमान हादसे हुए। पहला हादसा साउथ सूडान में हुआ। यहां ए लाइट एयर सर्विसेज का बीचक्राफ्ट 1900 ने ऑयल वर्कर्स को लेकर जीपीओसी यूनिटी एयरस्ट्रिप से उड़ान भरी थी, लेकिन टेकऑफ के बाद क्रैश हो गया। इस दर्दनाक हादसे में 20 लोगों की मौत हो गई और सिर्फ एक व्यक्ति जिंदा बच सका। दर्द का पल यहीं नहीं खत्म हुआ उसी दिन अमेरिका में एक और बड़ा विमान हादसा हो गया। अमेरिकन ईगल फ्लाइट 5342 (बॉम्बार्डियर CRJ700) विमान अमेरिकी आर्मी के सिकोर्स्की UH-60L हेलिकॉप्टर से पोटोमैक रिवर के ऊपर मिड-एयर में टकरा गया। इस हादसे में कुल 67 लोग मारे गए। इनमें 64 मौतें RJ700 विमान पर हुईं और 3 मौतें हेलिकॉप्टर में हुईं। यह अमेरिका में साल का सबसे घातक विमान हादसा था।
जनवरी से शुरू हुआ विमान हादसे का डरावना सफर फरवरी में भी जारी रहा। महीने के आगाज के दौरान ही 6 फरवरी को बेरिंग एयर फ्लाइट 445 का सेसना 208B ग्रैंड कैरावन विमान नॉर्टन साउंड के ऊपर गायब हो गया। यह उड़ान उनालाक्लेट से नोम जा रही थी। अगले दिन यह क्रैश स्थिति में बरामद किया गया। इसमें सवार सभी 10 लोग मारे गए। इसके बाद 17 फरवरी को एक और विमान हादसा हुआ, जब डेल्टा कनेक्शन फ्लाइट 4819 (बॉम्बार्डियर CRJ900) विमान टोरंटो पियरसन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान क्रैश हो गया। राहत की बात यह रही कि इसमें सवार सभी 76 यात्री और 4 क्रू मेंबर्स की जान बच गई। हालांकि हादसे में 21 लोग घायल हो गए।
जनवरी-फरवरी से शुरू हुए विमान हादसे मार्च और अप्रैल में भी जारी रहे। 17 मार्च को होंडुरास में एरोलीनिया लानहसा फ्लाइट 018 का ब्रिटिश एयरोस्पेस जेटस्ट्रीम 32 रोआतान एयरपोर्ट से टेकऑफ के दौरान रनवे से आगे निकलकर समुद्र में गिर गया। इस दुर्घटना में 18 में से 13 लोगों की मौत हो गई। इसके बाद 17 अप्रैल को ट्रॉपिक एयर फ्लाइट 711 (सेसना 208B ग्रैंड कैरावन EX) को कोरोजाल से सैन पेड्रो जाते हुए हाइजैक कर लिया गया। हाइजैकर ने 3 लोगों को घायल किया, लेकिन एक पैसेंजर ने उसे गोली मार दी। इसके बाद बेलीज सिटी में प्लेन की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। कोई मौत नहीं हुई।
भारत के अहमदाबाद राज्य में 12 जून को साल 2025 का दुनिया का सबसे बड़ा विमान हादसा हुआ। एयर इंडिया की फ्लाइट 171 का बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान ने अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट से लंदन गैटविक के लिए उड़ान भरी, लेकिन टेकऑफ के एक मिनट बाद ही यह एक मेडिकल कॉलेज की बिल्डिंग से टकरा गया। इस दुर्घटना में विमान पर 242 में से 241 यात्री मारे गए। इसके अलावा हादसे की चपेट में आए मेडिकल कालेज की बिल्डिंग में 19 अन्य लोगों की भी मौत हो गई। इस प्रकार अहमदाबाद विमान हादसे में कुल 260 मौतें हुईं। यह 2025 का दुनिया का सबसे घातक और बड़ा विमान हादसा था। साथ ही यह बोइंग 787 का पहला फेटल क्रैश था।
भारत के बाद जुलाई महीने में रूस में भी एक बड़ा विमान हादसा हुआ। यहां अंगारा एयरलाइंस फ्लाइट 2311 का एंटोनोव An-24 टाइंडा एयरपोर्ट पर अप्रोच के दौरान पहाड़ से टकरा गया। इस दुर्घटना में विमान में सवार सभी 42 यात्री और 6 क्रू मेंबर्स मारे गए। अक्टूबर और नवंबर में भी विमान हादसों ने थमने का नाम नहीं लिया। 20 अक्टूबर को एमिरेट्स स्काईकार्गो फ्लाइट 9788 का बोइंग 747-400BDSF हांगकांग इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान एक मेंटेनेंस व्हीकल से टकरा गया, जिससे वह रनवे से उतर गया और 2 ग्राउंड पर्सनल की मौत हो गई। इसके बाद 28 अक्टूबर को केन्या में मोम्बासा एयर सफारी फ्लाइट 203 का सेसना 208B ग्रैंड कैरावन क्वाले के पास क्रैश हो गया, जिसमें सभी 11 लोग मारे गए।
जुलाई और अक्तूबर के बाद नवंबर में भी कई विमान हादसे हुए। 4 नवंबर को यूपीएस एयरलाइंस फ्लाइट 2976 का मैकडॉनेल डगलस MD-11F लुइसविले से होनोलुलु जाते हुए टेकऑफ के बाद क्रैश हो गया, जिसमें 14 मौतें हुईं और 23 लोग घायल हुए। वहीं 17 नवंबर को एयरजेट अंगोला फ्लाइट 100 का एम्ब्रेयर ERJ-145 कोलवेजी एयरपोर्ट पर क्रैश हुआ, लेकिन सभी 26 यात्री और 3 क्रू बच गए। 25 नवंबर को साउथ सूडान में नारी एयर फ्लाइट 114 का लेट L-410UVP अप्रोच के दौरान क्रैश हो गया, जिसमें 3 क्रू मेंबर्स मारे गए। इसके बाद 13 दिसंबर को यूनाइटेड एयरलाइंस फ्लाइट 803 का बोइंग 777-224 वाशिंगटन डलेस से टोक्यो जाते हुए इंजन फेलियर हुआ, लेकिन सभी 275 यात्री और 15 क्रू बच गए। एविएशन सेफ्टी नेटवर्क के अनुसार, 2025 में कुल 94 से ज्यादा बड़े एक्सिडेंट्स हुए, जिनमें अमेरिका में 188 और भारत में 260 मौतें शामिल हैं।
अगर बात दुनिया के अब तक के सबसे बड़े विमान हादसों की करें तो यह हादसा 27 मार्च 1977 को स्पेन के टेनेरिफ एयरपोर्ट पर हुआ था। इस हादसे में दो बोइंग 747 जंबो जेट—केएलएम फ्लाइट 4805 और पैन एम फ्लाइट 1736—रनवे पर आपस में टकरा गए थे। यह टक्कर इतनी अधिक भीषण थी कि इस दुर्घटना में कुल 583 लोगों की मौत हो गई थी। यह एविएशन इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी त्रासदी है। इस विमान हादसे का कारण घना कोहरा, कम्युनिकेशन में गलती और एटीसी की त्रुटि थी। केएलएम का प्लेन टेकऑफ कर रहा था, जबकि पैन एम का प्लेन रनवे पर ही था। दोनों प्लेन आपस में बुरी तरह टकराने के बाद पूरी तरह जलकर खाक हो गए थे। यह हादसा ग्राउंड पर हुआ। इसके बाद धरती का दूसरा सबसे बड़ा विमान हादसा 1985 में जापान में हुआ। जापान एयरलाइंस फ्लाइट 123 के हादसे में 520 मौतें हुईं।
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