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JVM (P) के BJP में विलय से बाबूलाल मरांडी का फिर हुआ गृह प्रवेश: अमित शाह

 Written By: Bhasha
 Published : Feb 17, 2020 06:51 pm IST,  Updated : Feb 17, 2020 06:51 pm IST

भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने सोमवार को बाबूलाल मरांडी की झारखंड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक) के भाजपा में विलय के बाद कहा कि यह विलय वास्तव में मरांडी का पुनः गृह प्रवेश है। 

अमित शाह और बाबूलाल मरांडी- India TV Hindi
अमित शाह और बाबूलाल मरांडी Image Source : PTI

रांची: भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने सोमवार को बाबूलाल मरांडी की झारखंड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक) के भाजपा में विलय के बाद कहा कि यह विलय वास्तव में मरांडी का पुनः गृह प्रवेश है। केन्द्रीय गृह मंत्री शाह ने बाबूलाल मरांडी का उनकी समस्त पार्टी के साथ भाजपा में स्वागत करते हुए कहा, ‘‘बिना सत्ता के कैसे लंबे समय तक समाज में काम किया जा सकता है, यह बाबूलाल मरांडी से सीखा जा सकता है।’’ 

उन्होंने कहा, ‘‘मरांडी को मैंने कभी भाजपा से बाहर का नहीं माना। 2014 में पार्टी अध्यक्ष बनने के बाद से ही उन्हें भाजपा में वापस लाने का प्रयास कर रहा था। लेकिन, मरांडी बहुत जिद्दी हैं, इस वजह से उनकी वापसी में देरी हुई।’’ शाह ने कहा, ‘‘बाबूलाल मरांडी आप घर वापस आये हैं। आज मैं बहुत प्रसन्न हूं। आपको यहां कभी बाहरी होने का एहसास नहीं होगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘कुछ निजी कारणों से वह पार्टी छोड़ गये थे लेकिन अब उनकी वापसी से पार्टी की ताकत झारखंड में कई गुना बढ़ जायेगी।’’ 

केन्द्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘भाजपा जनता के मुद्दों पर सड़क से सदन तक लड़ाई करेगी क्योंकि उसका लक्ष्य सिर्फ चुनाव जीतना नहीं है बल्कि उसका वास्तविक उद्देश्य मां भारती की सेवा करना है।’’ इससे पूर्व आज यहां प्रभात तारा मैदान में एक विशाल सम्मेलन में झाविमो अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने अपनी पार्टी का भाजपा में विलय कर दिया। बाबूलाल मरांडी नये झारखंड राज्य के गठन के बाद नवंबर 2000 से मार्च 2003 तक राज्य के पहले मुख्यमंत्री रहे थे। कुछ व्यक्तिगत कारणों से उनका पार्टी से वैमनस्य हो गया और 2006 में उन्होंने झारखंड विकास मोर्चा नामक नयी पार्टी का गठन कर लिया। 

झाविमो ने वर्ष 2014 के विधानसभा चुनावों में आठ सीटें जीती थीं और उनमें से छह विधायक दलबदल कर भाजपा में शामिल हो गये। वर्ष 2019 के विधानसभा चुनावों में एक बार फिर से अकेले चुनाव लड़ कर झाविमो ने तीन सीटें जीतीं लेकिन हाल में पार्टी विरोधी कार्यों के आरोप में उनमें से दो विधायकों प्रदीप यादव एवं बंधू तिर्की को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। अब विधानसभा में पार्टी अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ही झाविमो के अकेले विधायक शेष रह गये हैं।

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