1. Hindi News
  2. भारत
  3. राजनीति
  4. गोडसे को देशभक्त कहना प्रज्ञा को पड़ा भारी, साध्वी के बयान पर बीजेपी का बड़ा एक्शन

गोडसे को देशभक्त कहना प्रज्ञा को पड़ा भारी, साध्वी के बयान पर बीजेपी का बड़ा एक्शन

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Nov 28, 2019 11:04 am IST,  Updated : Nov 28, 2019 12:18 pm IST

कल लोकसभा में प्रज्ञा ठाकुर ने तब विवाद खड़ा कर दिया जब द्रमुक सदस्य ए राजा अदालत के समक्ष नाथूराम गोडसे द्वारा दिये गए उस बयान को उद्धृत कर रहे थे कि उसने महात्मा गांधी को क्यों मारा।

गोडसे को देशभक्त कहना प्रज्ञा को पड़ा भारी, साध्वी के बयान पर बीजेपी का बड़ा एक्शन- India TV Hindi
गोडसे को देशभक्त कहना प्रज्ञा को पड़ा भारी, साध्वी के बयान पर बीजेपी का बड़ा एक्शन

नई दिल्ली: गोडसे को एक बार फिर देशभक्त बताने वाली साध्वी प्रज्ञा ठाकुर पर मोदी सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है। उन्हें रक्षामंत्रालय की संसदीय कमेटी से बाहर निकाल दिया गया है। भाजपा ने साध्वी प्रज्ञा का नाम वापस ले लिया है। भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जे पी नड्डा ने यह जानकारी दी। बताया जा रहा है कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दखल के बाद ये ऐक्शन लिया गया है। इससे पहले जब उन्होंने गोडसे को देशभक्त बताया था तो प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि वो उन्हें कभी माफ नहीं कर पाएंगे।

Related Stories

भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जे पी नड्डा ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘भाजपा, लोकसभा सांसद प्रज्ञा ठाकुर की टिप्पणी की निंदा करती है, पार्टी ऐसे बयानों का कभी समर्थन नहीं करती।’’ नड्डा ने इस विषय पर लोकसभा में बुधवार को की गयी प्रज्ञा ठाकुर की विवादास्पद टिप्पणी के बाद उत्पन्न राजनीति विवाद को शांत करने का प्रयास करते हुए पार्टी सांसद के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की घोषणा की। 

भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जे पी नड्डा ने कहा, ‘‘हमने निर्णय किया है कि ठाकुर संसद सत्र के दौरान भाजपा संसदीय दल की बैठक में हिस्सा नहीं ले सकेंगी।’’ नड्डा ने कहा कि प्रज्ञा ठाकुर को रक्षा मामलों की परामर्श समिति से भी हटाया जायेगा जिसमें उन्हें हाल ही में नियुक्त किया गया था।

बता दें कि कल लोकसभा में प्रज्ञा ठाकुर ने तब विवाद खड़ा कर दिया जब द्रमुक सदस्य ए राजा अदालत के समक्ष नाथूराम गोडसे द्वारा दिये गए उस बयान को उद्धृत कर रहे थे कि उसने महात्मा गांधी को क्यों मारा। ठाकुर की टिप्पणी को लेकर विपक्षी सदस्यों द्वारा विरोध जताए जाने के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि एसपीजी (संशोधन) विधेयक पर चर्चा के दौरान सिर्फ द्रमुक नेता का बयान ही रिकॉर्ड में जाएगा। 

राजा ने कहा कि गोडसे ने स्वीकार किया था कि गांधी की हत्या का फैसला करने से पहले 32 सालों तक उसके मन में गांधी के प्रति द्वेष पनप रहा था। राजा ने कहा कि गोडसे ने गांधी को मारा क्योंकि वह एक खास विचारधारा में विश्वास रखता था। विपक्षी सदस्य जहां ठाकुर द्वारा टोकाटाकी के खिलाफ विरोध जता रहे थे वहीं भाजपा सदस्यों ने उनसे बैठ जाने का अनुरोध किया। 

लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान ठाकुर ने गोडसे को देशभक्त करार दिया था जिसकी वजह से बड़ा राजनीतिक विवाद मचा था। बाद में उन्होंने अपने बयान के लिये माफी मांग ली थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हालांकि कहा था, “गांधीजी या नाथूराम गोडसे के बारे में टिप्पणी बेहद खराब और समाज के लिये बेहद गलत थी। उन्होंने माफी मांग ली है लेकिन मैं उन्हें कभी भी मन से माफ नहीं कर पाउंगा।” 

विवादित नेता ने एक रोडशो में शामिल होने के दौरान कहा था, “नाथूराम गोडसे एक देशभक्त थे, हैं और एक देशभक्त रहेंगे। जो लोग उन्हें आतंकवादी कहते हैं उन्हें अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। उन्हें इन चुनावों में उचित जवाब दिया जाएगा।” वह अभिनेता से राजनेता बने कमल हासन की उस टिप्पणी पर जवाब दे रही थीं कि स्वतंत्र भारत का पहला चरमपंथी एक हिंदू था। यह टिप्पणी उन्होंने गोडसे के संदर्भ में की थी।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Politics से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत