प्रयागराज: माफिया डॉन अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की प्रयागराज में हुई हत्या पर हड़कंप मच गया है। इस घटना के सामने आने के बाद सियासी गलियारों में भी बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है। इस घटना को लेकर विपक्ष योगी सरकार पर हमलावर रवैया अपना रहा है और उसे घेरने की कोशिश कर रहा है।
राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने कहा, 'मुझे तो कोई चौंकाने वाली बात नहीं लगती, अतीक ने भी कहा था कि उसकी जान को खतरा है। ये कानून की भी हत्या है। पुलिस को सुरक्षा करनी चाहिए थी। इतनी बड़ी चूक कैसे हुई, न्यायिक जांच आयोग इस बात का पता लगाएगी।'
इस मर्डर पर यूपी सरकार के मंत्री सुरेश खन्ना का भी बयान सामने आया। उन्होंने कहा, 'जब अपराध की पराकाष्ठा होती है, तब कुछ फैसले आसमान से होते हैं। ये एक आसमानी फैसला है, जिसे सभी को स्वीकार कर लेना चाहिए।'
सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा है कि जब पुलिस के सुरक्षा घेरे के बीच सरेआम गोलीबारी करके किसी की हत्या की जा सकती है तो आम जनता की सुरक्षा का क्या। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि कुछ लोग जानबूझकर भय का माहौल बना रहे हैं। अखिलेश ने कहा, 'यूपी में अपराध की पराकाष्ठा हो गई है और अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। जब पुलिस के सुरक्षा घेरे के बीच सरेआम गोलीबारी करके किसीकी हत्या की जा सकती है तो आम जनता की सुरक्षा का क्या। इससे जनता के बीच भय का वातावरण बन रहा है, ऐसा लगता है कुछ लोग जानबूझकर ऐसा वातावरण बना रहे हैं।'
योगी सरकार में जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि पाप-पुण्य का हिसाब इसी जन्म में होता है।
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने इस घटना के लिए योगी सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने ट्वीट कर कहा, 'अतीक और उनके भाई पुलिस की हिरासत में थे। उन पर हथकड़ियां लगी हुई थीं। JSR के नारे भी लगाये गए। दोनों की हत्या योगी के कानून व्यवस्था की नाकामी है। एनकाउंटर राज का जश्न मनाने वाले भी इस हत्या के जिम्मेदार हैं।'
इस मर्डर केस पर बीजेपी प्रवक्ता शलभमणि त्रिपाठी ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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