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क्या बच सकती है सपा नेता आजम खान की विधायकी? मामले में सुप्रीम कोर्ट कर रहा सुनवाई, यूपी सरकार को भेजा गया नोटिस

 Published : Nov 07, 2022 05:51 pm IST,  Updated : Nov 07, 2022 05:51 pm IST

27 अक्टूबर को आजम खान को भड़काऊ भाषण मामले में दोषी ठहराया गया था और रामपुर अदालत ने उन्हें तीन साल जेल की सजा सुनाई थी। रामपुर स्थित एमपी-एमएलए अदालत ने वर्ष 2019 के मामले में विधायक को जमानत भी दे दी। वहीं 28 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने खान को सदन की सदस्यता के लिए अयोग्य ठहराने का ऐलान किया था।

आजम खान - India TV Hindi
आजम खान Image Source : INDIA TV

सुप्रीम कोर्ट ने सपा नेता आजम खान के अपनी विधायकी रद्द किये जाने के खिलाफ लगाई याचिका पर आज सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की।  इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार और भारतीय निर्वाचन आयोग से जवाब तलब किया। बता दें कि, समाजवादी पार्टी के नेता को भड़काऊ भाषण देने के मामले में दोषी ठहराने और उन्हें तीन साल जेल की सजा सुनाए जाने के बाद उन्हें सदन की सदस्यता के प्रति अयोग्य ठहराया गया है। 

आजम खान की तरफ से कोर्ट ने पेश हुए पी. चिदम्बरम 

मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति डी. वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की खंडपीठ ने उत्तर प्रदेश की ओर से पेश अतिरिक्त महाधिवक्ता गरिमा प्रसाद को खान की याचिका पर अपना जवाब दाखिल करने के लिए कहा। पीठ ने प्रसाद से उनकी याचिका को निर्वाचन आयोग के स्थायी अधिवक्ता तक भी पहुंचाने के लिए कहा। अदालत ने प्रसाद से कहा, ‘‘उन्हें अयोग्य ठहराने की क्या जल्दी थी? आपको कम से कम उन्हें कुछ मोहलत देनी चाहिए थी।’’ इसके जवाब में प्रसाद ने कहा कि अयोग्य ठहराना शीर्ष अदालत के उस निर्देश के अनुरूप है जिसे उसने अपने एक फैसले में दिया था। खान की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता पी चिदंबरम ने कहा कि मुजफ्फरनगर जिले की खतौली विधानसभा से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक विक्रम सैनी को भी 11 अक्टूबर को दोषी ठहराया गया था और दो साल की सजा दी गई थी, लेकिन उनकी अयोग्यता को लेकर कोई फैसला नहीं किया गया। 

सुप्रीम कोर्ट
Image Source : PTIसुप्रीम कोर्ट

'सत्र न्यायाधीश छुट्टी पर और हाईकोर्ट बंद, इसलिए यहां आए' 

अपनी दलीलें रखते हुए आजम खान के वकील पी. चिदंबरम ने कहा कि इस मामले में तात्कालिकता यह है कि रामपुर सदर सीट पर उपचुनाव के ऐलान को लेकर भारतीय निर्वाचन आयोग 10 नवंबर को गजट अधिसूचना जारी करने जा रहा है। उन्होंने कहा कि सत्र न्यायालय के न्यायाधीश कुछ दिनों के लिए अवकाश पर हैं और इलाहाबाद उच्च न्यायालय बंद है, इसलिए आजम खान खुद को दोषी ठहराये जाने और सजा के खिलाफ वहां नहीं जा सके। पीठ ने प्रदेश सरकार के वकील प्रसाद से पूछा कि खतौली विधानसभा सीट के मामले में कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 13 नवंबर की तारीख तय की और प्रसाद से कहा कि वह निर्देश प्राप्त कर अपना जवाब दाखिल करें। 

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