Kashmir Secuirty High Alert: केंद्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर से बड़ी खबर सामने आ रही है। भारत की सुरक्षा एजेंसियों ने कश्मीर घाटी में संभावित आतंकी खतरों की चेतावनी दी है। इस खुफिया इनपुट के बाद हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर में 14 फरवरी, 2026 से कई संवेदनशील बरसी एक साथ आ रही हैं। इनमें 1984 में 11 फरवरी को मकबूल भट को फांसी देना और 2019 में 14 फरवरी को पुलवामा में आत्मघाती हमला शामिल है। बता दें कि इस आतंकी हमले में 40 CRPF जवान शहीद हो गए थे।
इंटेलिजेंस एजेंसियों की ओर से दी गई एडवाइजरी में इन तारीखों पर IEDs, गाड़ी में लगे IEDs, ग्रेनेड या टारगेटेड किलिंग का इस्तेमाल करके आतंकवादी हमलों के खतरों पर रोशनी डाली गई है। ऐसे में इस इनपुट के बाद पूरे जम्मू कश्मीर में जगह-जगह नाकाबंदी और जवानों को अलर्ट पर रखा गया है। खास कर नेशनल हाईवे और व्यस्त बाजारों में जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF के जवानों के साथ-साथ ड्रोन और CCTV से हर मूवमेंट पर नजर रखी जा रही है।
दूसरी ओर उत्तरी सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने भी जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में सुरक्षा उपायों की समीक्षा की है। अधिकारियों की ओर से शुक्रवार को बताया गया है कि गुरुवार को ये बैठक आतंकवाद-रोधी ढांचे को मजबूत बनाने के मकसद से की गई थी। सेना के उत्तरी कमान के मुख्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया है कि सेना कमांडर ने वीडियो कांफ्रेंस के जरिये ज्वाइंट कंट्रोल सेंटर्स की साप्ताहिक बैठक की अध्यक्षता की है। इस बैठक में सीनियर सैन्य अधिकारियों के साथ ही पुलिस, CRPF और श्रीनगर व जम्मू संभाग के अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।
सामने आई जानकारी के मुताबिक, इस अहम बैठक में खुफिया इनपुट के आदान-प्रदान, संयुक्त तैयारियों को बढ़ाने, एजेंसियों के बीच समन्वय को बढ़ाने और आतंकवाद-रोधी ढांचे को और मजबूत करने पर जोर दिया गया है।
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