Saturday, January 03, 2026
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स्टूडेंट एसोसिएशन ने PM मोदी को लिखी चिट्ठी, ईरान में फंसे छात्रों के लिए लगाई गुहार

जम्मू-कश्मीर छात्र संघ ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर ईरान में फंसे भारतीय, खासकर कश्मीरी छात्रों की सुरक्षा की मांग की है। संगठन ने बिगड़ते हालात, डर के माहौल और संचार की कमी का हवाला देते हुए दूतावास से सक्रिय मदद और जरूरत पड़ने पर निकासी योजना की अपील की।

Edited By: Vineet Kumar Singh @VickyOnX
Published : Jan 03, 2026 10:53 am IST, Updated : Jan 03, 2026 10:53 am IST
Indian students in Iran, JKSA letter to PM Modi, Kashmiri students Iran- India TV Hindi
Image Source : PTI जम्मू-कश्मीर छात्र संघ ने ईरान के हालात में भारतीय छात्रों की सुरक्षा को लेकर पीएम मोदी को चिट्ठी लिखी है।

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर छात्र संघ यानी कि JKSA ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा है। पत्र मे ईरान में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों, खासकर कश्मीर घाटी के छात्रों की सुरक्षा, सम्मान और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए तुरंत और जरूरी हस्तक्षेप की मांग की गई है। बता दें कि ईरान में सुरक्षा हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं और वहां से बड़े पैमाने पर अशांति, विरोध प्रदर्शन, हिंसक कार्रवाई एवं हत्याओं तक की खबरें आ रही हैं। JKSA ने अपने पत्र में ईरान में पढ़ाई कर रहे सैकड़ों भारतीय छात्रों की स्थिति पर चिंता जताई है।

भारतीय छात्रों में से ज्यादातर जम्मू-कश्मीर के

ईरान में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों में से ज्यादातर जम्मू-कश्मीर के हैं, जो MBBS और अन्य पेशेवर मेडिकल कोर्स कर रहे हैं। ईरान की शिक्षा प्रणाली सस्ती होने और भारत के साथ पुराने शैक्षणिक संबंधों के कारण ये छात्र वहां जाते हैं। JKSA के राष्ट्रीय संयोजक नासिर खूहामी ने बताया कि ईरान के अलग-अलग प्रांतों में स्थित मेडिकल यूनिवर्सिटी में लगभग 2,000 कश्मीरी छात्र पढ़ रहे हैं। ये छात्र स्थानीय हॉस्टल, यूनिवर्सिटी, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और जरूरी सेवाओं पर निर्भर हैं। इसलिए, आंतरिक संघर्ष, राजनीतिक उथल-पुथल और नागरिक अशांति के समय वे बहुत असुरक्षित हो जाते हैं।

'बना हुआ है डर और अनिश्चितता का माहौल'

खूहामी ने कहा कि मौजूदा स्थिति ने डर और अनिश्चितता का माहौल बना दिया है, जिससे छात्र खुद को असुरक्षित और फंसा हुआ महसूस कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, 'JKSA को लगातार छात्रों और उनके घरवालों के फोन आ रहे हैं जो डर के साये में जी रहे हैं। वे आवाजाही पर रोक लगने, कभी-कभी इंटरनेट बंद होने, समय पर स्पष्ट सुरक्षा सलाह न मिलने और कोई आपात योजना न होने की वजह से गंभीर चिंता जता रहे हैं।' संघ ने यह भी बताया कि रीयल-टाइम जानकारी और संचार की कमी ने भारत में रहने वाले माता-पिता और परिवारों की चिंता और बढ़ा दी है। उन्होंने कहा कि उन्हें हजारों किलोमीटर दूर अपने बच्चों के बारे में सोचकर काफी चिंता हो रही है।

'छात्रों की मदद के लिए उठाएं जरूरी कदम'

खूहामी ने तुरंत सुधार के कदम उठाने की मांग करते हुए प्रधानमंत्री से अपील की है कि वे विदेश मंत्रालय को निर्देश दें। उन्होंने कहा है कि मंत्रालय ईरान में भारतीय छात्रों और तेहरान में भारतीय दूतावास के बीच 24 घंटे काम करने वाले सक्रिय संचार चैनल बनाए। JKSA ने विशेष रूप से दूतावास अधिकारियों से नियमित संपर्क और इमरजेंसी हेल्पलाइन शुरू करने जैसी मांग करते हुए कहा कि इससे छात्रों को जरूरी जानकारी मिलती रहेगी, वे आश्वस्त रहेंगे और जरूरत पड़ने पर उन्हें सहायता मिल सकेगी। स्थिति की गंभीरता पर जोर देते हुए JKSA ने एक तुरंत एक एग्जिट प्लान भी तैयार करने की अपील की। 

PM मोदी के नेतृत्व पर JKSA ने जताया विश्वास

खूहामी ने कहा, 'अगर ईरान में हालात और खराब होते हैं तो समय पर निकासी जान बचाने वाली साबित हो सकती है। भारत सरकार को पूरी तरह तैयार रहना चाहिए ताकि जरूरत पड़ने पर तेजी और निर्णायक तरीके से छात्रों को सुरक्षित घर लाया जा सके।' JKSA ने कहा कि सरकार की त्वरित कार्रवाई न सिर्फ जानें बचाएगी, बल्कि छात्रों और उनके परिवारों को आश्वस्त करेगी। PM मोदी के नेतृत्व पर विश्वास जताते हुए JKSA ने कहा कि भारत ने हमेशा संकट के समय में दुनिया भर में अपने नागरिकों का साथ दिया है, और उन्हें उम्मीद है कि इस बार भी वैसा ही होगा। बता दें कि ईरान में पिछले कुछ दिनों से जबरदस्त विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं जिनसे हालात काफी खराब हो चुके हैं।

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