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बात-बात पर ताने देने की आदत रिश्तों में घोल देती है जहर, आपके ऊपर भी होता है नकारात्मक असर

 Written By: Bharti Singh @bhartinisheeth
 Published : Jun 16, 2026 02:48 pm IST,  Updated : Jun 16, 2026 02:48 pm IST

Tana Marne Ki Aadat: कुछ लोगों को बात-बात पर ताना देने की आदत होती है। आपकी ये आदत रिश्तों को खराब करती है और साथ ही आपकी छवि को भी नकारात्मक बना देती है। जानिए इससे कैसे बचा जा सकता है।

खतरनाक है ताना देने की आदत- India TV Hindi
खतरनाक है ताना देने की आदत Image Source : MAGNIFIC

जब हम इमोशनली दुखी होते हैं तो अक्सर सामने वाले को ताने मारने लगते हैं। ऐसी बातें करने लगते हैं जो दूसरे के मन को चुभने वाली हों। ऐसा करने वाले लोग सोचते हैं कि वो इससे बेहतर महसूस करेंगे। लेकिन असल में ऐसा करने से आपके ऊपर भी नकारात्मक असर पड़ता है। ताने चाहे गुस्से में हों, आलोचना में दिए जाएं ये फिर किसी की तारीफ में भी रहे जाएं, तानों में एक नकारात्मक ऊर्जा होती है। इससे आपके रिश्तों पर बुरा असर पड़ता है और आपकी छवि को भी ठेस पहुंचती है। किसी के बारे में नकारात्मक बातें कहने से आपकी अपनी आभा और ऊर्जा भी कम होने लगती है। 

ताने देने की आदत खराब कर सकती है रिश्ता

नकारात्मक भावना दिखती है- जब आप किसी को ताना मारते हैं तो ध्यान रखें कि आप खुद आहत हैं और क्रोधित हैं। ताना चाहे मजाक में दिया जाए या गंभीर होकर उससे आपके अंदर की नकारात्मक एनर्जी ही बाहर आती है। आप खुद को भले ही स्मार्ट और मजाकिया समझें लेकिन ये आपके अंदर की नफरत, जलन, गुस्सा, असुरक्षा और दर्द की भावना को बाहर लाते हैं। इससे आपकी क्रेडिबिलिटी कम होती है।

शब्दों की ऊर्जा को पहचानें- शब्दों में बहुत ऊर्जा होती है, आप जो भी बोलते हैं उसकी अपनी एक ऊर्जा होती है। ये ऊर्जा ही आपको, आपके आस-पास के माहौल को और रिश्तों को मजबूत बनाती है। अगर आप उसमें नकारात्मक शब्दों का उपयोग करते हैं तो इससे आपकी शक्ति ऊर्जा कम कमजोर होती है। इसके लिए ताना मारने की आदत छोड़कर रोज योग करें, आध्यात्मिक ज्ञान के बारे में जानें और अपनी सोच को सकारात्मक बनाने की ओर कदम उठाएं। मन में दयालुता और करुणा का भाव रखें। इससे धीरे-धीरे आपकी ताने देने की आदत छूट जाएगी और बातचीत में सही और सकारात्मक शब्द आने लगेंगे।

ताने देने की आदत को कैसे सुधारें

आप अपने भावनात्मक दर्द, स्वभाव और कई बार आहत होने पर ताने मारते हैं, दूसरों पर कटाक्ष करते हैं। लेकिन इस वक्त आपको समझने की जरूरत है कि कड़वाहट आपके अंदर है दुनिया में नहीं। इसलिए अपने आप को ठीक करें और अपनी भावनाओं की जिम्मेदारी भी खुद लें। अपने आप से वादा करें कि चाहे कोई भी स्थित परिस्थिति हो आप सिर्फ साफ, शुद्ध और सकारात्मक ऊर्जा वाले शब्दों का ही प्रयोग करेंगे। भले ही लोग गलत हों,परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हों, लेकिन आप अपनी ऊर्जा को कम नहीं होने देंगे। कुछ दिनों तक आपको ऐसा करने के लिए मेहनत करनी होगी, लेकिन धीरे-धीरे आपके ताने देने की आदत खत्म होती जाएगी।

 

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