कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन से देश भर की जनता घरों में रहने के लिए मजबूर है। ऐसे में जनता का मनोरंजन और जीवन के प्रति संयम रखने के उद्देश्य से दूरदर्शन पर ऐतिहासिक सीरियल रामायण दिखाया जा रहा है।
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रामायण में मंथरा के कान भरने से रानी कैकेई श्रीराम को वनवास पर भेज देती है औऱ राम वनवास चले जाते हैं। पूरे चौदह साल के लिए। इसी तर्ज पर मध्य प्रदेश में जनता से घरों में रहने का आग्रह किया जा रहा है।
ऑनलाइन प्रवचन कर रहे संत निश्री प्रमाण सागर महाराज जनता से अपील कर रहे हैं कि जब दुनिया के भले के लिए श्री राम चौदह साल वन में रह सकते हैं तो क्या हम कुछ दिन घरो में नहीं रह सकते। श्रीराम के जीवन के कई किस्से हैं जिन्हें अपना कर संयम बरता जाए तो कोरोना का खात्मा किया जा सकता है।
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इसी में से एक है, पिता की आज्ञा मानने का प्रसंग। श्रीराम ने पिता द्वारा दिए गए वचन का पालन करने के लिए जिस तरह वन जाना स्वीकार किया, उसी तरह जनता भी सबके स्वास्थ्य और जीवन के लिए अगर कुछ दिन घरों में रुक जाए और स्वास्थ्य संबंधी नियमों का पालन करे तो कोरोना जैसे राक्षस को हराया जा सकता है।
राम ने जिस तरह वन में कम साधनों के बावजूद जीवन जिया, अगर हम भी कुछ दिन कम साधनों पर जीवन व्यतीत करें तो जनमानस का भला होगा
और देश कोरोना से उबर पाएगा। संत टीवी पर बता रहे हैं कि राम के जीवन से सीखिए कि किस तरह इच्छाशक्ति और संयस से विपति को दूर किया जा सकता है।