धर्म डेस्क: पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास की पूर्णिमा पर होली मनाई जाती है। इस साल 1 मार्च को सुबह 8 बजकर 57 मिनट से पूर्णिमा तिथि लग रही है लेकिन इसके साथ भद्रा भी लगा रहा है। भद्रा काल में होलिका दहन करने से अनिष्ट होने का भय रहता है। इसलिए इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए। शाम में 7 बजकर 40 मिनट पर भद्रा समाप्त हो जाएगा इसके बाद से होलिका दहन किया जाना शुभ रहेगा।
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ज्योतिष के मुताबिक होलाष्टक में सभी तरह के शुभ काम करना वर्जित रहता है। इस दौरान किए गए शुभ काम सफल नहीं हो पाते हैं और परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
शारीरिक संबंध
इस दिन शारीरिक संबंध बनाने से बचना चाहिए। होलाष्टक के दिन संबंध बनाने से पैदा होने वाली संतान को जिंदगीभर तकलीफों से गुजरना पड़ता है।
वाद-विवाद
घर में वाद-विवाद न पैदा करें वरना होली पर की गई पूजा से आपको कृपा नहीं मिलेगी। साथ ही मां लक्ष्मी अप्रसन्न हो जाएगी।
लेट तक सोना
इस दिन सुबह जल्दी उठ जाना चाहिए और नहा कर सूर्य को जल चढ़ाना चाहिए। देर तक नहीं सोना चाहिए। अगर इस बात का ध्यान नहीं रखा तो आलस्य बढ़ेगा और इससे भगवान की कृपा नहीं मिल पाएगी।
वीडियों में देखें और कौन से काम इस दिन नहीं करना चाहिए