1. Hindi News
  2. लाइफस्टाइल
  3. जीवन मंत्र
  4. षटतिला एकादशी: इस दिन पूजा करने से मिलता है हजारों यज्ञों का फल

षटतिला एकादशी: इस दिन पूजा करने से मिलता है हजारों यज्ञों का फल

 Written By: India TV Lifestyle Desk
 Published : Feb 03, 2016 06:36 pm IST,  Updated : Feb 03, 2016 06:37 pm IST

डेस्क: हिंदू धर्म में एकादशी का बहुत अधिक महत्व है। पद्म पुराण के अनुसार माघ माह की कृष्ण पक्ष की एकादशी को षटतिला नामक एकादशी कहा गया है। जो बहुत महत्वपूर्ण है। इस बार यह एकादशी 4 फरवरी, गुरुवार को है। जानिए पूजा-विधि और कथा के बारें में।

 ekadashi- India TV Hindi
ekadashi

धर्म डेस्क: हिंदू धर्म में एकादशी का बहुत अधिक महत्व है। पद्म पुराण के अनुसार माघ माह की कृष्ण पक्ष की एकादशी को षटतिला नामक एकादशी कहा गया है। जो बहुत महत्वपूर्ण है। इस बार यह एकादशी 4 फरवरी, गुरुवार को है।

ये भी पढ़े- एकादशी के दिन चावल न खाने के पीछें का रहस्य जान अचंभित हो जाएगे आप

हिंदू धर्म के शास्त्रों के अनुसार जो इंसान विधि-विधान से एकादशी का व्रत और रात्रि जागरण करता है उसे वर्षों तक तपस्या करने का पुण्य प्राप्त होता है। इसलिए इस व्रत को जरुर करना चाहिए। इस व्रत से कई पीढियों द्वारा किए गए पाप भी दूर हो जाते है।

इस दिन जो व्यक्ति श्रद्धा भाव से षटतिला एकादशी का व्रत रखते हैं, उनके सभी पापों का नाश होता है। इसलिए माघ मास में पूरे माह व्यक्ति को अपनी समस्त इन्द्रियों पर काबू रखना चाहिए। काम, क्रोध, अहंकार, बुराई तथा चुगली का त्याग कर भगवान की शरण में जाना चाहिए। माघ माह की कृष्ण पक्ष की एकादशी को व्रत रखना चाहिए। इससे मनुष्य के सभी पाप समाप्त हो जाएंगे तथा उसे स्वर्ग की प्राप्ति होगी।

षटतिला एकादशी व्रत पूजा विधि

इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर भगवान का मनन करते हुए सबसे पहले व्रत का संकल्प करें। इसके बाद सभी कामों से निवृत्त होकर स्नान करें। इसके बाद पूजा स्थल में जाकर भगवान श्री कृष्ण की पूजा विधि-विधान से करें। इसके लिए धूप, दीप, नैवेद्य आदि सोलह चीजों से करने के साथ रात को दीपदान करें। इस दिन रात को सोए नहीं।

अगली स्लाइड में पढ़े पूरी पूजा विधि

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Religion से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें लाइफस्टाइल