1. Hindi News
  2. महाराष्ट्र
  3. 'मुसलमानों को बेइज्जत और बर्बाद करने की साजिश', जानें सपा विधायक अबू आजमी ने ऐसा क्यों कहा

'मुसलमानों को बेइज्जत और बर्बाद करने की साजिश', जानें सपा विधायक अबू आजमी ने ऐसा क्यों कहा

 Reported By: Sameer Bhaudas Bhise Edited By: Vineet Kumar Singh
 Published : Feb 27, 2025 04:17 pm IST,  Updated : Feb 27, 2025 04:17 pm IST

महाराष्ट्र के पाथर्डी तालुका में ग्रामीणों ने मढ़ी कानिफनाथ महाराज की यात्रा में मुस्लिम व्यापारियों पर प्रतिबंध लगा दिया है। इस पर समाजवादी पार्टी के नेता अबू आसिम आजमी ने प्रतिक्रिया देते हुए इसे मुसलमानों के प्रति नाइंसाफी करार दिया है।

Madhi Kanifnath Yatra 2025, Abu Asim Azmi, Abu Azmi, maharashtra- India TV Hindi
समाजवादी पार्टी के नेता अबू आसिम आजमी। Image Source : PTI FILE

मुंबई: महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले के पाथर्डी तालुका में ग्रामीणों ने मढ़ी कानिफनाथ महाराज की तीर्थयात्रा में मुस्लिम व्यापारियों पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव पारित किया है। ग्रमीणों के इस फैसले पर समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधायक अबू आसिम आजमी ने अफसोस जाहिर किया है। उन्होंने कहा, 'मुझे बड़े ही दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि अब मैं रोज सुबह देखता हूं कि मुसलमानों को बेइज्जत, बर्बाद और तबाह करने की है और ऐसी साजिशें होती रहती हैं।' उन्होंने इन सब चीजों के लिए सरकार को दोषी ठहराया है।

‘ग्रामसभा ने दुकानें लगाने से मना किया’

अबू आजमी ने कहा, 'अहमदनगर के मढी गांव में कानिफनाथ महाराज की यात्रा में सालों से दुकान लगा रहे मुसलमानों को ग्रामसभा ने अब दुकान लगाने से मना कर दिया है। बांग्लादेश में हिन्दुओं पर होने वाला ज़ुल्म दिखाई देता है, लेकिन क्या देश के प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को मुसलमानों के साथ हो रही नाइंसाफी दिखाई नहीं देती? समाज के 20 फीसदी लोगों के साथ अगर यह हो रहा है तो फिर बिल्कुल सही नहीं हो रहा। आप उन्हें आरक्षण नहीं देते, उन्हें रोजगार नहीं देते, तो वे कहां जाएंगे। हिंदुओं के त्योहार में वे सामान बेच रहे हैं तो आप कहते हैं कि वे शराब बेच रहे हैं। ये गलत है। नफरत की परंपरा को बंद कीजिए।'

‘ग्रामीणों की भावनाएं आहत होती हैं’

बता दें कि कानिफनाथ महाराज की यात्रा होली से शुरू होती है और गुड़ी पड़वा पर समाप्त होती है। पारंपरिक प्रथा के अनुसार, एक महीने पहले से ही भगवान को तेल लगाया जाता है और यह ग्रामीणों के दृष्टिकोण से दुःखद घटना मानी जाती है। लेकिन इसके बावजूद, यहां आने वाले मुस्लिम व्यापारी इससे जुड़ी परंपराओं का पालन नहीं करते हैं, जिससे ग्रामीणों की भावनाएं आहत होती हैं। गांव के सरपंच एवं अध्यक्ष कानिफनाथ देवस्थान ट्रस्ट के अध्यक्ष संजय मरकड ने कहा कि जिस तरह कुंभ मेले में मुस्लिम व्यापारियों को अनुमति नहीं है, उसी तरह हमने कानिफनाथ यात्रा पर भी इसी तरह का प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। महाराष्ट्र से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।