प्रवर्तन निदेशालय ने महाराष्ट्र सरकार में मंत्री रह चुके शिवसेना (यूबीटी) नेता रवींद्र वायकर के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह मामला वायकर, उनकी पत्नी और अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज किया गया है। वायकर व उनके परिवार पर आरोप है कि वो बीएमसी के नियमों की अनदेखी कर मुंबई के जोगेश्वरी में एक लग्जरी होटल बनाने वाले थे। इसी मामले में मुंबई पुलिस की EOW ने भी FIR दर्ज की है और मामले की जांच चल रही है। बता दें कि मुंबई पुलिस की EOW वायकर से इस बाबत पूछताछ भी कर चुकी है। बता दें कि ईडी इस मामले में शिवसेना विधायक और अन्य आरोपियों को पूछताछ के लिए समन भी जारी कर सकती है।
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क्या है पूरा मामला
बता दें कि ईडी की तरफ से यह केस घोटाले में शामिल जोगेश्वरी बीएमसी भूमि पर एक लग्जरी होटल के कथित निर्माण से जुड़ा हुआ है, जिसमें विधायक की भूमिका को लेकर केस दर्ज किया गया है। रवींद्र वायकर के खिलाफ ईडी ने 500 करोड़ रुपये के कथित भूमि घोटाले के मामले में केस दर्ज किया है। उनके खिालफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट यानी पीएमएलए के तहत ईसीआईआर दर्ज किया गया है। अधिकारियों की मानें तो उन्होंने रवींद्र वायकर के मामले से संबंधित सभी दस्तावेजों और बयानों को हासिल कर दिया है, जो मुंबई पुलिस की ईओडब्ल्यू को दिया गया था।
जानकारी के मुताबिक, वायकर पर आरोप है कि बीएमसी खेल के मैदान के लिए आरक्षित जमीन पर उन्होंने लग्जरी होटल बनाने की अनुमति हासिल की। इस मामले में वायकर पर 500 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है। इस मामले में वायकर की पत्नी मनीषा वायकर, बिजनेस पार्टनर आसू नेहलानाई, राज लालचंदानी और प्रिथपाल बिंद्रा शामिल हैं। हालांकि रवींद्र वायकर ने अपने उपर लगे आरोपों को नकार दिया है और ईडी के एक्शन को राजनीति से प्रेरित बताया है। बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई देशभर में की जा रही है।