1. Hindi News
  2. महाराष्ट्र
  3. सरकारी कैंटीन में समोसे-जलेबी और अन्य तेल पदार्थ के लिए लगाने होंगे वार्निंग बोर्ड, सरकार का मकसद- लोगों को जागरूक करना

सरकारी कैंटीन में समोसे-जलेबी और अन्य तेल पदार्थ के लिए लगाने होंगे वार्निंग बोर्ड, सरकार का मकसद- लोगों को जागरूक करना

 Reported By: Yogendra Tiwari, Edited By: Amar Deep
 Published : Jul 14, 2025 02:55 pm IST,  Updated : Jul 15, 2025 05:53 pm IST

देश में सरकारी कैंटीन में जहां भी समोसा और जलेबी बेची जा रही है वहां पर अब सिगरेट और तंबाकू की तरह हेल्थ वार्निंग बोर्ड लगाए जाएंगे। लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के लिए यह फैसला लिया गया है।

समोसा और जलेबी की सरकारी कैंटीन में लगाने होंगे हेल्थ वार्निंग बोर्ड।- India TV Hindi
समोसा और जलेबी की सरकारी कैंटीन में लगाने होंगे हेल्थ वार्निंग बोर्ड। Image Source : PEXELS

देश के तमाम सरकारी कैंटीन और रेस्टोरेंट में समोसे और जलेबी को लेकर अब स्वास्थ्य संबंधी चेतावनी का बोर्ड लगाना जरूरी कर दिया गया है। भारत सरकार ने इससे संबंधित नोटिफिकेशन जारी किया है। इसके तहत सरकारी कैंटीन में जहां भी समोसा या जलेबी बिकती हैं, वहां की दीवार पर स्वास्थ्य संबंधी चेतावनी/हेल्थ वार्निंग लगाना अनिवार्य किया जा रहा है। भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने सभी केंद्रीय संस्थानों को ऑयल एंड शुगर बोर्डस लगाने का आदेश दिया है। इन स्थानों पर रंग-बिरंगे पोस्टर बताएंगे कि रोजाना खाए जाने वाले नाश्ते में कितनी शक्कर और कितना तेल मिलाया गया है।

साइलेंट एपिडेमिक बन रहा मोटापा

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार मोटापा एक साइलेंट एपिडेमिक बन चुका है और 2050 तक की संख्या बढ़कर 44.9 करोड़ होने का अनुमान है। ऐसे में सरकार का यह कदम काफी सराहनीय है। विशेषज्ञों का कहना है कि मोटापे पर लगाम लगाने के लिए यह फैसला बेहद जरूरी है। विशेषज्ञ ने कहा कि जिस तरीके से सिगरेट और तंबाकू की बिक्री करने वाली दुकानों पर चेतावनी बोर्ड लगा रहता है, उसी तरह से समोसे जलेबी की बिक्री करने वाले वेंडरों को भी चेतावनी के साथ इसकी बिक्री करनी होगी।

copy

स्वास्थ्य के प्रति जागरुता जरूरी

नागपुर के जाने-माने कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अमर आमले ने बताया कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की तरफ से जो आदेश आया है, उसमें जिक्र किया गया है कि अब समोसे और जलेबी जैसे खाद्य पदार्थों की बिक्री वाले वेंडरों के पास चेतावनी बोर्ड लगाया जाए। इसके पीछे का तथ्य यह है कि लोग अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहें। लोगों को समोसा और जलेबी खाते वक्त पता लग सके कि वह जो भी खा रहे हैं, उसमें कितनी मात्रा में शुगर, तेल और फैट मौजूद है। डॉ. अमर आमले ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फिट इंडिया की एक पहल की है, जिसके तहत यह बहुत ही बड़ा कदम सरकार की तरफ से उठाया गया है।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। महाराष्ट्र से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।