महाराष्ट्र की राजनीति में बीते कई सालों से पार्टियों के बीच उतार चढ़ाव का दौर जारी है। अब राज्य में जल्द ही स्थानीय निकाय के चुनाव होने जा रहे हैं। ऐसे में राज्य में एक बार फिर से सियासी गठजोड़ की नई अटकलें सामने आने लगी हैं। ताजा अटकलें शरद पवार की एनसीपी और अजीत पवार की एनसीपी के साथ आने की लगाई जा रही हैं। इन अटकलों को लेकर एनसीपी (शरद पवार) के नेता अनिल देशमुख ने भी पार्टी का रुख साफ कर दिया है। आइए जानते हैं कि उन्होंने इस बारे में क्या कहा है।
महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री एवं शरद पवार की पार्टी के नेता अनिल देशमुख ने शरद पवार की एनसीपी और अजीत पवार की एनसीपी के बीच गठबंधन से इनकार किया है। हालांकि, इसके साथ ही देशमुख ने कहा है कि राजनीति में किसी संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता है। देशमुख ने कहा है कि आगामी समय में होने वाले महानगरपालिका, जिला परिषद, बीएमसी के चुनाव में जिन-जिन जिलों में आपस में कांग्रेस, शिवसेना उद्धव ठाकरे एवं शरद पवार की एनसीपी में तालमेल बैठेगा उन जिलों में गठबंधन किया जाएगा।
अजित पवार की पार्टी राष्ट्रवादी कांग्रेस और शरद पवार कि राष्ट्रवादी कांग्रेस के बीच क्या गठबंधन होगा? इस पर महाराष्ट्र के शरद पवार पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने गठबंधन पर विराम लगाते हुए कहा कि इस प्रकार की कोई चर्चाएं नहीं हो रही है लेकिन राजनीति में किसी भी संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता।
पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने कहा कि दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन को लेकर कोई बैठक नहीं हुई है, ना किसी से चर्चा हुई है। इस संबंध में कोई चर्चा नहीं हुई है लेकिन राजनीति में किसी संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता है। महाराष्ट्र में होने वाले महानगरपालिका, जिला परिषद और बीएमसी के चुनाव जल्द से जल्द होंगे, जिस तरीके से सुप्रीम कोर्ट ने दिशा निर्देश दिया है। महाविकास अघाडी का जिन-जिन जिलों में तालमेल बैठेगा उन-उन जिलों में इकट्ठा लड़ा जाएगा।
ये भी पढ़ें- क्या साथ आने वाले हैं एकनाथ शिंदे और राज ठाकरे? शिवतीर्थ पर पहुंचे शिवसेना के नेता
"जो कभी पत्थर फेंकते थे, वो आज बीजेपी में", नितिन गडकरी के इस बयान के क्या है मायने?
संपादक की पसंद