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'देश की आजादी एक व्यक्ति की देन नहीं, सामूहिक विचार से ही संघ की दिशा तय होती है', नागपुर में बोले मोहन भागवत

 Reported By: Yogendra Tiwari Edited By: Shakti Singh
 Published : Jun 07, 2025 12:18 pm IST,  Updated : Jun 07, 2025 12:18 pm IST

मोहन भागवत ने कहा कि देश की आजादी के लिए 1857 से प्रयास शुरू हो गए थे। हर जगह आग भड़क उठी थी। इसके बाद आंदोलन की आग कभी शांत नहीं हुई। प्रयास जारी रहे। इन सब के योग से ही हमें आजादी मिल सकी।

Mohan Bhagwat- India TV Hindi
मोहन भागवत Image Source : INDIA TV

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने नागपुर में कहा देश की आजादी किसी एक व्यक्ति की देन नहीं है। सामूहिक विचार की अहमियत बताते हुए उन्होंने कहा कि सामूहिक विचार से ही संघ की दिशा तय होती है। संघ का काम एक दो लोगों का काम नहीं है। संघ जो भी करता है, जो भी बोलता है, वह सामूहिक निर्णय से ही तय होता है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंचालक डॉक्टर मोहन भागवत ने कहा कि देश को आजादी किसकी वजह से मिली, इसको लेकर तो हमेशा ही बहस होती रही है, लेकिन हकीकत यह है कि आजादी किसी एक व्यक्ति की वजह से नहीं मिली। इसके लिए 1857 से प्रयास शुरू हो गए थे। हर जगह आग भड़क उठी थी। इसके बाद आंदोलन की आग कभी शांत नहीं हुई, प्रयास जारी रहे। इन सब के योग से ही हमें आजादी मिल सकी।

डॉक्टर मोहन भागवत वरिष्ठ स्वयंसेवक रामचंद्र देवतारे की दो भाग वाली किताब संघ जीवन के विमोचन के अवसर पर नागपुर में बोल रहे थे। इसी दौरान उन्होंने आजादी को लेकर यह बयान दिया और साथ मिलकर काम करने की अहमियत समझाई। 

 संघ का काम एक दो लोगों का नहीं

सामूहिक विचार व निर्माण का महत्व बताते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंचालक डॉक्टर मोहन भागवत ने कहा कि सामूहिक विचार से ही संघ की दिशा तय होती है। संघ का काम एक दो लोगों का काम नहीं है। संघ जो भी करता है और जो भी बोलता है, वह सामूहिक निर्णय से होता है। सरसंचालक ने संघ कार्यकर्ताओं के जीवन शैली का उल्लेख करते हुए कहा कि समाज में दिखाने का महत्व है, लेकिन दिखने से ज्यादा महत्वपूर्ण है व्यक्तित्व का होना।

दो दिन के लिए कानपुर जाएंगे भागवत

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत शनिवार को दो दिवसीय दौरे पर कानपुर पहुंचेंगे। वह यहां कई बैठकों में भाग लेंगे और दो प्रशिक्षण शिविरों का दौरा करेंगे। इन शिविरों का उद्देश्य 40 वर्ष या उससे कम उम्र के स्वयंसेवकों को जातिविहीन और सामाजिक रूप से तटस्थ वातावरण को बढ़ावा देने की दिशा में काम करने के लिए तैयार करना है। पहला शिविर नवाबगंज के दीन दयाल उपाध्याय स्कूल में आयोजित किया जा रहा है। इसे विकास वर्ग नाम दिया गया है। यह एक क्षेत्रीय शिविर है, जिसमें पूर्वी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के आरएसएस कार्यकर्ता शामिल हैं। दूसरा शिविर, शिक्षा वर्ग, समाजवादी पार्टी के विचारक हरमोहन सिंह यादव के पैतृक स्थान मेहरबान सिंह का पुरवा में हो रहा है। उनके परिवार का एक हिस्सा अब भाजपा के करीब जाता दिख रहा है। यह पहली बार है जब संघ ने इस पारंपरिक सपा के गढ़ में इस तरह का आयोजन किया है।

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