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महाराष्ट्र: बैंक के बाहर भैंस का शव रखकर विरोध प्रदर्शन, जानिए ऐसा करने पर क्यों मजबूर हुआ किसान?

Edited By: Dhyanendra Chauhan @dhyanendraj Published : Nov 02, 2025 03:58 pm IST, Updated : Nov 02, 2025 05:13 pm IST

बैंक के बाहर भैंस का शव रख कर प्रदर्शन करने के चलते बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। बैंक के कर्मचारियों का काम भी प्रभावित हुआ। मौके पर पहुंची पुलिस की टीम ने किसी तरह प्रदर्शनकारी किसान को समझाया।

सांकेतिक तस्वीर- India TV Hindi
Image Source : FREEPIK सांकेतिक तस्वीर

महाराष्ट्र के पालघर जिले में एक किसान ने अपनी भैंस के शव को राष्ट्रीयकृत बैंक के बाहर रखकर नाटकीय तरीके से विरोध प्रदर्शन किया। इसके चलते मौके पर भीड़ एकत्र हो गई। उसने बैंक से बीमा संबंधी क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाने वाली राशि के तुरंत भुगतान की मांग की है। 

पुलिस ने प्रदर्शन को समाप्त कराया

पुलिस ने रविवार को बताया कि शनिवार को बैंक अधिकारी ने एक महीने के भीतर क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाने वाली राशि के भुगतान का आश्वासन दिया। इसके बाद 10 मिनट तक चले विरोध प्रदर्शन को किसान ने समाप्त किया। इस विरोध प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया मंच पर वायरल हो गया है। 

किसान बैंक के कर्ज से परेशान

वीडियो में मृत भैंस बैंक के प्रवेश द्वार के बाहर पड़ी दिख रही है। इन वीडियो से बीमा दावों में होने वाली देरी को लेकर बहस छिड़ गई है। इसकी वजह से किसान कर्ज और नुकसान से परेशान हैं। जिले के तकपाडा गांव के एक पशुपालक नवसु डीघा ने 2022 में बैंक की मोखाडा शाखा से 12 लाख रुपये का ऋण लेकर 10 दुधारू भैंसें खरीदी थीं। 

बैंक की ओर से नहीं मिला मुआवजा

डीघा ने दावा किया कि जानवरों का बीमा कराने के बावजूद पिछले तीन सालों में मरी दो भैंसों के लिए उन्हें कोई मुआवजा नहीं मिला। शनिवार को डीघा एक वाहन(ट्रैक्टर) पर मृत भैंस का शव लेकर पहुंचे और वाहन को स्थानीय बैंक शाखा के बाहर खड़ा कर दिया। 

बैंक द्वारा किसानों को दिया जा रहा धोखा

डीघा ने दावा किया, 'मेरी भैंसों का बीमा होने के बावजूद मुझे मुआवजे के रूप में एक रुपया भी नहीं मिला है। बैंक की लापरवाही के कारण हम किसानों को धोखा दिया जा रहा है।’ उसने प्रदर्शन के दौरान चेतावनी दी, 'अगर जल्द ही पैसा नहीं दिया गया तो मैं मृत भैंस को यहीं छोड़ दूंगा। जब तक मुझे भुगतान नहीं होता तब तक बैंक इसे अपने पास रखे।' 

बैंक द्वारा दिया गया आश्वासन

स्थानीय किसान नेता और राजनीतिक प्रतिनिधि भी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए और भीड़ को नियंत्रित करने और व्यवस्था बनाए रखने के लिए तुरंत पुलिस को बुलाया गया। बैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी ने हस्तक्षेप कर लिखित आश्वासन दिया कि डीघा और अन्य प्रभावित किसानों को बीमा कंपनी के माध्यम से 31 दिनों के भीतर मुआवजे का भुगतान कर दिया जाएगा। 

वादा पूरा नहीं हुआ तो फिर करेंगे विरोध प्रदर्शन

इस आश्वासन के बाद डीघा और अन्य किसानों ने विरोध प्रदर्शन स्थगित कर दिया और उन्होंने कहा कि यदि वादा पूरा नहीं किया गया तो वे फिर से विरोध शुरू करेंगे। मोखाडा के सहायक पुलिस निरीक्षक प्रेमनाथ ढोले ने कहा कि बैंक द्वारा लिखित आश्वासन देने के बाद मामला शांत हो गया और किसान अपनी मृत भैंस के साथ वापस चला गया। (भाषा के इनपुट के साथ)

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