महाराष्ट्र लगातार हो रही मूसलधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। लातूर जिले में कई रास्ते बंद हो चुके हैं और पुलों पर से पानी बह रहा है। इसी बीच निलंगा तहसील से एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। निलंगा तालुका के काटेजवळगा गांव में बारिश का पानी इतना बढ़ गया कि बच्चों को स्कूल आने-जाने के लिए जेसीबी मशीन का सहारा लेना पड़ा। बच्चों का यह जान जोखिम में डालने वाला सफर कैमरे में कैद हुआ। पुल और सड़कों पर तेज बहाव के कारण लोग घंटों फंसे रहे।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की तरफ से अभी तक कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। "हमारे बच्चे रोज इसी तरह जोखिम लेकर जाते हैं। कोई व्यवस्था नहीं है।" लातूर जिले में बारिश के कारण कई गांवों का संपर्क टूट गया है।
जिला प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है और जरूरी काम के बिना बाहर न निकलने की सलाह दी है। यानी एक तरफ बारिश ने राहत दी है तो दूसरी ओर बच्चों को स्कूल पहुंचाने के लिए ये खतरनाक तस्वीरें भी सामने आ रही हैं।
लातूर जिले में बारिश के कारण कई गांवों का संपर्क टूट गया है। जिला प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है और जरूरी काम के बिना बाहर न निकलने की सलाह दी है। यानी एक तरफ बारिश ने राहत दी है तो दूसरी ओर बच्चों को स्कूल पहुंचाने के लिए ये खतरनाक तस्वीरें भी सामने आ रही हैं।
महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार ने कहा, "भारी बारिश के कारण संकट का सामना कर रहे किसानों की मदद करना हमेशा से मेरा प्रयास रहा है। मैं किसानों का समर्थन करता रहूंगा। गलतफहमी पैदा करने की कोई आवश्यकता नहीं है।" पत्रकारों से बात करते हुए पवार ने स्वीकार किया कि बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए घोषित पांच हजार रुपये की तत्काल सहायता और 10 किलोग्राम अनाज पर्याप्त नहीं था। उन्होंने कहा, “सरकार सहायता बढ़ाएगी। राज्य सरकार बाढ़ प्रभावित लोगों को हर संभव मदद मुहैया करा रही है। हमने केंद्र से भी मदद मांगी है।”
(लातूर से आसिफ पटेल की रिपोर्ट)
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