आज के समय में क्रेडिट कार्ड सुविधा के साथ-साथ जिम्मेदारी भी मांगता है। सही तरीके से इस्तेमाल करने पर यह आपकी वित्तीय स्थिति को मजबूत बनाता है, लेकिन जरा-सी लापरवाही आपके खर्च बढ़ाने के साथ-साथ क्रेडिट स्कोर को भी नुकसान पहुंचा सकती है। ऐसे में कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
बैंक की तरफ से किए जा रहे इस बदलाव से ऑनलाइन गेमिंग, वॉलेट यूज और हाई-वैल्यू खर्च करने वाले ग्राहकों पर इसकी सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा। ऐसे में कार्डधारकों के लिए अपनी स्पेंडिंग हैबिट्स और कार्ड बेनिफिट्स की दोबारा समीक्षा करना जरूरी हो गया है।
अगर आपके पास क्रेडिट कार्ड है और आप समय पर उसके बिल का भुगतान कर रहे हैं तो ये आपके लिए काफी फायदेमंद साबित होगा। लेकिन, अगर आप अपने क्रेडिट कार्ड बिल के भुगतान में देरी करते हैं तो इसके कई नुकसान हैं।
कोटक महिंद्रा बैंक ने अपने अलग-अलग क्रेडिट कार्ड पर फ्यूल खरीदने के लिए अलग-अलग लिमिट तय की है।
सबसे पहले CIBIL से अपनी क्रेडिट रिपोर्ट की एक कॉपी हासिल करें। अपने क्रेडिट कार्ड अकाउंट का डिटेल देने वाले सेक्शन को देखें। स्टेटस अब 'सेटल' के रूप में दिखाई देनी चाहिए।
अगर आपके पास दो से अधिक क्रेडिट कार्ड है और उसे आप आसानी से मैनेज नहीं कर पा रहे हैं तो उसे निष्क्रिय या डीएक्टिवेट करना सही होगा।
आप अपनी क्रेडिट सीमा का एक निश्चित प्रतिशत कैश के रूप में निकाल सकते हैं। कुछ बैंक में, आप क्रेडिट सीमा का 40% नकद अग्रिम के रूप में निकाल सकते हैं।
अगर आपके पास कई क्रेडिट कार्ड हैं तो आपको और भी ज्यादा समझदारी दिखाने की जरूरत पड़ती है। यहां हम उन जरूरी बातों के बारे में जानेंगे, जिन्हें ध्यान में रखकर आप कई क्रेडिट कार्ड्स को आसानी से मैनेज कर सकते हैं और आपका क्रेडिट स्कोर भी हमेशा टॉप पर रहेगा।
जब आप अपने क्रेडिट कार्ड का रेगुलर इस्तेमाल करते हैं और समय पर अपना बिल चुकाते हैं, तो बैंक के साथ आपकी क्रेडिट प्रोफाइल बेहतर होती चली जाती है। अगर आप ऐसा करते हैं तो आप और भी एक्स्ट्रा बेनिफिट ले सकते हैं।
कई लोगों का मानना है कि एक क्रेडिट कार्ड ही काफी है। उस सोच से यह तो पता चलता है कि आप ज्यादा खर्च करने के प्रलोभन से बचना चाहते हैं, लेकिन अगर आप कार्ड के इस्तेमाल को जिम्मेदारी से मैनेज कर सकते हैं और भुगतान पर नजर रख सकते हैं, तो कई कार्ड होने के दूसरे फायदे भी मिलते हैं।
कोई भी बैंक नया क्रेडिट कार्ड जारी करते समय यूज़र्स की अलग-अलग जरूरतों का खास ध्यान रखते हैं। अलग-अलग लोगों की अलग-अलग जरूरतों के आधार पर कई तरह के क्रेडिट कार्ड उपलब्ध हैं।
भारत में जारी किये जाने वाले ज्यादातर क्रेडिट कार्ड इंटरनेशनल कार्ड हैं और इन्हें दुनियाभर के अलग-अलग मर्चेंट्स द्वारा स्वीकार किया जाता है।
जानकारों के मुताबिक अगर आप क्रेडिट कार्ड का अनुशासन में रहकर इस्तेमाल करते हैं तो यह एक मददगार इंस्ट्रूमेंट है। लापरवाही में यह काफी महंगा साबित हो सकता है।
अगर आप जिस कार्ड के लिए अप्लाई कर रहे हैं वह आपका पहला क्रेडिट कार्ड है या आपके नाम पर कोई क्रेडिट नहीं है, तो आपके क्रेडिट कार्ड की क्रेडिट लिमिट कम होगी। बाद में बैंक आपको आपके कार्ड पर क्रेडिट सीमा बढ़ाने का विकल्प देगा।
आप क्रेडिट कार्ड से खरीदारी उतने की ही करें जितना आप वहन कर सकते हैं। साथ ही इस बात को लेकर गांठ बांध लें कि आप क्रेडिट कार्ड बिल तय डेडलाइन से पहले चुका देंगे।
आपके पास जितने अधिक कार्ड होंगे, आपके कर्ज बढ़ने की संभावना उतनी ही अधिक होगी। पहली बार में एक ही क्रेडिट कार्ड का चुनाव करना सही है।
अक्टूबर में प्रति कार्ड खर्च लगभग 16% बढ़कर 18,898 रुपये के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया। इसमें महीने-दर-महीने 23.2% की वृद्धि हुई। लगभग 65% क्रेडिट कार्ड खर्च ऑनलाइन होते हैं।
भारत में पिछले कुछ समय में क्रेडिट कार्ड का कुल मिलाकर इस्तेमाल बढ़ा है। जानकारों का मानना है कि संभलकर इसका इस्तेमाल नहीं करने पर यह महंगा पड़ जाता है।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के हालिया आंकड़ों के अनुसार पिछले वित्त वर्ष में पूरे साल के दौरान क्रेडिट कार्ड खर्च या उसपर बकाया राशि एक दायरे में रहीं।
Finance Ministry New Rule: अगर आप डेबिट कार्ड क्रेडिट कार्ड यूज करते हैं तो ये खबर आपके लिए है। आज वित्त मंत्रालय ने कुछ खास ग्राहकों के लिए नियम बदल दिए हैं।
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