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किसानों के धरने से पहले पंजाब पुलिस का बड़ा एक्शन, कई किसान नेता हिरासत में लिए गए

 Reported By: Puneet Pareenja Edited By: Vineet Kumar Singh
 Published : Mar 04, 2025 09:17 am IST,  Updated : Mar 04, 2025 09:17 am IST

पंजाब सरकार ने 5 मार्च के प्रस्तावित किसान धरने से पहले कई किसान नेताओं को हिरासत में लिया है और पुलिस ने कई जगहों पर छापेमारी की है। सीएम के साथ बैठक में तल्खी के बाद किसान नेताओं ने चंडीगढ़ में विरोध प्रदर्शन की घोषणा की थी।

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पंजाब पुलिस ने कई किसान नेताओं को हिरासत में ले लिया है। Image Source : INDIA TV

चंडीगढ़: पंजाब की भगवंत मान सरकार ने 5 मार्च को प्रस्तावित किसानों के धरने से पहले किसान नेताओं पर बड़ा एक्शन लिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, संयुक्त किसान मोर्चा की तरफ से 5 मार्च को चंडीगढ़ में होने वाले धरना प्रदर्शन से पहले कई किसान नेताओं को पंजाब पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने पंजाब के विभिन्न किसान संगठन के नेताओं के घरों पर छापेमारी की है। किसान नेताओं को हिरासत में लिए जाने पर लोगों ने कई जगहों पर पुलिस का विरोध किया है।

‘बिना किसी उकसावे के बैठक से चले गए सीएम मान’

बता दें कि सोमवार को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं के बीच हुई बैठक बेनतीजा रही थी। बैठक के बेनतीजा रहने के बाद किसानों ने 5 मार्च को चंडीगढ़ में धरना, विरोध प्रदर्शन और मार्च करने का ऐलान किया था। इससे पहले कि किसान चंडीगढ़ कूच कर पाते, पुलिस ने बठिंडा जिले में करीब एक दर्जन जगहों पर छापेमारी की और कई किसान नेताओं को हिरासत में ले लिया। बताया जा रहा है कि किसान नेताओं और मुख्यमंत्री के बीच हुई बैठक में काफी तल्खी देखने को मिली थी। किसान नेताओं ने दावा किया था कि ‘नाराज’ मुख्यमंत्री भगवंत मान ‘बिना किसी उकसावे के बैठक से चले गए।’

‘जनता के लिए परेशानी खड़ी करने से बचना चाहिए’

बैठक के बाद भगवंत मान ने कहा था कि किसानों से बातचीत के लिए उनके दरवाजे हमेशा खुले हैं, लेकिन आंदोलन के नाम पर जनता के लिए असुविधा और परेशानी खड़ी करने से बचा जाना चाहिए। एक बयान में मान ने कहा कि सरकार समाज के विभिन्न वर्गों से संबंधित मुद्दों को बातचीत के माध्यम से हल करने के लिए हमेशा तैयार है तथा रेल या सड़क अवरोधों के माध्यम से आम आदमी के लिए परेशानी खड़ी करने से बचा जाना चाहिए। मान ने कहा कि इस तरह की कार्रवाइयों से आम जनता को परेशानी होती है, जिसके कारण वे आंदोलनकारियों के खिलाफ हो जाते हैं, जिससे समाज में मतभेद पैदा होता है।

‘व्यापारी, उद्योगपति कारोबार के बर्बाद होने से दुखी’

सीएम भगवंत मान ने यह भी कहा कि हालांकि विरोध प्रदर्शन किसानों का लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन उन्हें यह भी सोचना चाहिए कि इससे पंजाब को कितना बड़ा नुकसान हो सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यापारी और उद्योगपति इस बात से दुखी हैं कि सूबे में लगातार सड़क एवं रेल यातायात को बंद किये जाने के कारण उनका कारोबार बर्बाद हो गया है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे ऐसे तरीके न अपनाएं जो समाज में मतभेद पैदा करते हैं। मान ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के साथ है, लेकिन उनकी जो भी मांगें हैं उनका संबंध केंद्र सरकार से है।

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