Chanakya Niti: आचार्य चाणक्य की नीतियां और विचार भले ही कठोर होते हैं लेकिन अगर आप इन्हें जीवन में उतार लें तो आपको आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता है। आचार्य चाणक्य जिंदगी की तमाम मुश्किलों से आपको आसानी से निकाल सकते हैं, बस इसके लिए आपको करना ये है कि अपना काम करते जाना है और आचार्य चाणक्य की नीतियों को जिंदगी में उतारना है। आज हम आपको बताएंगे कि वो कौन सी चीजें है जिसमें हमें कभी कम नहीं आंकना चाहिए।
'रोग, शत्रु और सांप को नजर अंदाज नहीं करना चाहिए। दोबारा हमला कर सकते हैं।' -आचार्य चाणक्य
आचार्य चाणक्य के इस कथन से तात्पर्य ये है कि जीवन में मनुष्य को कभी भी इन तीन चीजों को हल्के में नहीं लेना चाहिए। ये तीन चीजें एक बार आपको अपनी चपेट में ले लें तो भले ही आपको वो छोड़ दें लेकिन मौका मिलते ही अपनी गिरफ्त में ले लेंगी। जी हां, ये तीन चीजें हैं- रोग, शत्रु और सांप हैं।
अगर मनुष्य के शरीर में कोई रोग एक बार हो जाए तो भले ही उससे आप बच निकलें लेकिन अगर आप अपने शरीर का ध्यान नहीं रखेंगे और परहेज नहीं करेंगे तो कोई बड़ी बात नहीं है कि वो रोग आपको दोबारा पकड़ ले इसलिए कभी भी बीमारी को कम नहीं आंकना चाहिए। दूसरा है शत्रु। शत्रु अगर शांत बैठा है तो उसे कमजोर न समझें, ये न सोचे कि वो हार गया है और शांत बैठा है, ध्यान रखिए शत्रु तो इस मौके की तलाश में होते हैं कि कब उन्हें मौका मिले और कब वो आपपर पलटवार कर दें। इसी तरह से सांप होता है, अगर एक बार अगर आप सांप के चंगुल में आने से बच गए तो ये बिल्कुल न सोचे कि वो आप पर दूसरी बार अटैक नहीं करेगा। सांप तो हमेशा घात लगाकर बैठा रहता है और जैसे ही मौका मिलता है आपको डस लेता है।
इसी वजह से आचार्य चाणक्य ने कहा है कि कभी भी रोग, शत्रु और सांप को हल्के में नहीं लेना चाहिए, ये कब आप पर पलटवार कर दें आप खुद नहीं समझ पाएंगे।
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